नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बुधवार को असम समझौते और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पक्ष पर कांग्रेस से सफाई मांगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 में राजीव गांधी ने ऐतिहासिक असम समझौता किया था। अनंत कुमार ने समझौते के अहम बिंदुओं का जिक्र करते हुए कहा कि अवैध शरणार्थियों के मुद्दे पर सोनिया और राहुल गांधी को संसद में अपने पक्ष पर सफाई देनी चाहिए। क्या वे राजीव गांधी के असम समझौते के खिलाफ हैं।

अनंत कुमार ने सिलसिलेवार ट्वीट में बताया कि विपक्षी दल कांग्रेस और टीएमसी को तय करना है कि वे देशभक्त भारतीय नागरिकों के साथ खड़े है या फिर अवैध घुसपैठियों के साथ हैं। क्या वे असम के नागरिकों के आत्मसम्मान और भारतीय नागरिकों के खिलाफ खड़े हैं।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी के एनआरसी पर दिए गए बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उनके मुताबिक इस तरह के बयान शांति पूर्ण माहौल में रह रहे असम के लोगों में अनावश्‍यक भय पैदा कर सकते हैं, जो कि कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ की वजह से इलाके का जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को मालूम है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

Posted By: Monika Minal