नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कश्मीरी पंडितों के पुराने दिन वापस आएंगे। कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यह भरोसा दिया है। कश्मीर पंडितों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान अमित शाह ने कहा कि उन्हें घाटी के उन जिलों में पूरी सुरक्षा के साथ वापस बसाया जाएगा, जहां से उन्हें सबकुछ छोड़कर भागना पड़ा था। प्रतिनिधिमंडल ने अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने के लिए अमित शाह को धन्यवाद दिया।

कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री का जताया आभार

अमित शाह के साथ लगभग 45 मिनट तक चली मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने बताया कि गृहमंत्री ने कश्मीरी पंडितों की ससम्मान घर वापसी का पूरा भरोसा दिया है। शाह ने उन्हें बताया कि सरकार पूरी सुरक्षा मुहैया कराने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन में भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। इसके तहत कश्मीरी पंडितों के लिए सरकारी नौकरी में प्रवेश की सीमा 50 साल तक करने का प्रावधान किया जा सकता है।

ध्वंस किये सभी मंदिर व धार्मिक स्थलों का किया जाएगा जीर्णोद्धार

दरअसल, इन पंडितों को कश्मीर छोड़े लगभग तीस साल हो गए हैं। केंद्र सरकार विस्थापित कश्मीरी पंडितों की अपनी संपत्तियों को वापस हासिल करने में भी मदद करेगी। इसके साथ ही घाटी में तोड़े गए सभी मंदिरों व धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार भी करेगी, ताकि कश्मीर की साझा संस्कृति को मूल रूप पुनस्र्थापित किया जा सके।

बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन का प्रयास

अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सरकार किस तरह कश्मीर में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन का प्रयास कर रही है। अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने के बाद राज्य की जनता को कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है। इसके साथ ही सरकार जम्मू-कश्मीर में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अप्रैल महीने में बड़ा आयोजन करने जा रही है, जिसमें देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियों के भाग लेने की उम्मीद है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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