नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसी साल पहली बार बनाए गए सहकारिता मंत्रालय का भी जिम्मा सौंपा गया। वहीं, उन्होंने शनिवार को राजधानी में पहली बार हो रहे राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि सरकार जल्द सहकारी नीति लाएगी। उन्होंने आगे कहा, 'यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे देश का पहला सहकारिता मंत्री चुना गया है। मुझे मौका देने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं।' बता दें कि देश में पहली बार मोदी शासनकाल में सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है और इसका जिम्मा गृह मंत्री को दिया गया है।

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सहकारिता सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा, 'मैं सहकारिता मंत्री के नाते देशभर के सहकारिता नेताओं और कार्यकर्ताओं को कहना चाहता हूं कि लापरवाही का समय समाप्त हुआ है, प्राथमिकता का समय शुरू हुआ है। आइए सब साथ में रहकर सहकारिता को आगे बढ़ाएं।'

गृह मंत्री ने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में बना भारत सरकार का सहकारिता मंत्रालय सब राज्यों के साथ सहकार कर के चलेगा, ये किसी से संघर्ष करने के लिए नहीं बना है। मोदी जी 2021-22 में नई सहकार नीति लाएंगे।' उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए सरकार एक नई सहकारी नीति शुरू करेगी जिससे भारत के ग्रामीण समाज को भी बढ़ावा मिलेगा। आज, देश के लगभग 91% गांवों में छोटे या बड़े सहकारी संस्थान काम कर रहे हैं।

शाह ने आगे कहा कि सह​कारिता आंदोलन भारत के ग्रामीण समाज की प्रगति करेगा और एक नई सामाजिक पूंजी की अवधारणा भी खड़ी करेगा। भारत की जनता के स्वभाव में सहकारिता घुल मिल गई है, ये कोई उधार लिया विचार नहीं है। भारत में सहकारिता आंदोलन कभी भी अप्रासंगिक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सहयोग (मंत्रालय) देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। हमें नए सिरे से सोचना होगा, नए सिरे से रूपरेखा तैयार करनी होगी, काम के दायरे का विस्तार करना होगा और पारदर्शिता लानी होगी।

बता दें कि जुलाई महीने में मोदी सरकार ने एक नए मंत्रालय 'सहकारिता मंत्रालय' का गठन किया था। नया सहकारिता मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा। केंद्र सरकार द्वारा 'सहकार से समृद्धि' के दृष्टिकोण को साकार करने और सहकारिता आंदोलन को एक नई दिशा देने हेतु एक अलग 'सहकारिता मंत्रालय' बनाया गया था।

Edited By: Nitin Arora