बेंगलुरु, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार की नीतिगत पंगुता के कारण इतने सारे घोटाले हुए थे। वर्ष 2014 से पहले देश में ऐसा भी समय था जब प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री नहीं समझा जाता था और हरेक मंत्री खुद को पीएम समझता था।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अमित शाह ने गुरुवार को 'संकल्प से सिद्धि' कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि तब देश में नीतिगत पंगुता की स्थिति थी। तब 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले हुए थे। इन घोटाले से तब हर दिन अखबारों में सुर्खियां बनती थीं। केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआइ और सुप्रीम कोर्ट इन अनियमितताओं की जांच ही करते रहते थे। शाह ने यह भी दावा किया कि तब पूंजीवाद और महंगाई अपने चरम पर थे। कारोबार करना बेहद कठिन था और वित्तीय घाटा भी अत्यधिक था।

शाह ने कहा कि इन्हीं घटनाक्रमों के कारण देश ने 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी सरकार को बहुमत से जिताने का एकमुश्त फैसला लिया। उन्होंने कहा कि आठ सालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने सर्व स्पर्शी और सर्व समावेशी सरकार दी है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां सुधार कार्य नहीं किए गए हों। हमने पूरे समाज के कल्याण की शपथ ली है।

पार्टी कार्यकर्ताओं के गुस्से को सुलझाने का प्रयास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के भाजपा नेताओं से मिलकर पार्टी कार्यकर्ताओं और हिंदू कार्यकर्ताओं में उपजे गुस्से को दूर करने के लिए विचार-विमर्श किया। वहीं, कैबिनेट में स्थान पाने की आस लगाए कर्नाटक के भाजपा नेताओं ने अमित शाह से उम्मीदें लगा रखी हैं। उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव तेजी से नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में अरसे से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार को अब मूर्तरूप दे देना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अमित शाह भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रवीण कुमार नेत्तारू की हत्या के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में हुए विद्रोह पर कर्नाटक में एक कड़ा संदेश देने आ रहे हैं।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan