गुवाहाटी (प्रेट्र)। उत्तर पूर्व के राज्यों में विकास की कमी के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा कि मोदी सरकार ने क्षेत्र में शांति और प्रगति के लिए काम प्रारंभ किया है। मोदी सरकार ने उत्तर पूर्व में ब्रीफकेस राजनीति को डेवलपमेंट राजनीति में बदल दिया है।

नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एनईडीए) के तीसरे कन्क्लेव को संबोधित करने के बाद अपने ट्वीट में शाह ने कहा कि क्षेत्र का विकास मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक 15 दिन में एक केंद्रीय मंत्री ने विकास कार्यो की समीक्षा के लिए क्षेत्र का दौरा किया है। वे यह भी देखते हैं कि क्षेत्र के लिए और क्या किया जा सकता है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनईडीए में कुछ क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के शासन में उत्तर पूर्व का क्षेत्र केवल भ्रष्टाचार व कम विकास के लिए जाना जाता था। जबकि इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब ब्रीफकेस राजनीति को डेवलपमेंट राजनीति में बदल दिया गया है। शाह ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले उत्तर पूर्व का जीडीपी देश में सबसे अधिक था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में यह क्षेत्र काफी पीछे चला गया।

अगप ने नागरिकता संशोधन बिल पर जताया विरोध

असम गण परिषद (अगप) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने रविवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष नागरिकता संशोधन बिल, 2016 पर विरोध जताया। अगप का मानना है कि यह बिल असम समझौते का उल्लंघन है। गौरतलब है कि अगप असम में भाजपा की सरकार में भागीदार है। उधर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दौर से पहले आरटीआइ कार्यकर्ता व एक किसान संगठन के नेता अखिल गोगोई तथा उनके समर्थकों को नागरिकता सुधार विधेयक, 2016 का विरोध करने पर हिरासत में ले लिया गया।

Posted By: Arti Yadav

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