नई दिल्ली, एएनआइ। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी 'निजी विदेश यात्रा' पर हैं। वह जनवरी के दूसरे सप्ताह में भारत वापस लौट सकते हैं। राहुल ऐसे समय में विदेश दौरे पर हैं, जब पांच राज्यों में चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं। कांग्रेस पार्टी पंजाब और उत्तराखंड में पिछले कुछ फैसलों के कारण चुनौती का सामना कर रही है। दोनों राज्यों में पार्टी में अंदरूनी कलह दिखाई दे रही है। इस बीच पार्टी के बड़े नेता राहुल गांधी देश से नदारद हैं।

राजनीतिक दल चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों को तय करने के लिए बैठकें कर रहे हैं और चुनाव आयोग भी चुनाव की तारीखों की घोषणा करने के लिए तैयार है। इस बीच कांग्रेस के सूत्रों ने जानकारी दी है कि राहुल गांधी की जनवरी के दूसरे सप्ताह में देश लौट की संभावना है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता पार्टी के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। राहुल गांधी दिसंबर के अंतिम सप्ताह में विदेश यात्रा पर गए थे। इसे लेकर भाजपा ने उनपर निशाना साधा था।

इसका जवाब देते हुए कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने तब कहा था कि राहुल गांधी कुछ समय के लिए निजी विदेश यात्रा पर गए हैं। उन्होंने कहा था, 'भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मीडिया के मित्रों को अनावश्यक रूप से अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।' यह भी जानकारी सामने आई है कि राहुल गांधी ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विदेश यात्रा की थी और सत्र शुरू होने से एक दिन पहले लौट आए थे।

राहुल ने हाल के समय में पार्टी में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिसमें चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना शामिल है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में सांगठनिक मामलों को संभालने के तरीके पर पार्टी नेतृत्व से नाखुशी जताते हुए इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर नई पार्टी बना ली है। हाल ही में पंजाब और उत्तराखंड को लेकर अहम बैठकें राहुल गांधी के आवास पर हुई हैं। एक ओर जहां पार्टी की पंजाब इकाई राज्य में कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के स्पष्ट दबाव से असहज है, वहीं उत्तराखंड इकाई में भी खींचतान दिखाई दे रही है।

उत्तराखंड में पार्टी के एक प्रमुख नेता किशोर उपाध्याय पार्टी नेता हरीश रावत से नाराज हैं। उन्होंने देहरादून में भाजपा नेताओं से मुलाकात की। सिद्धू कई बार सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार और मंत्रियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल चुके हैं। उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और परिवहन मंत्री राजा वारिंग सहित पंजाब के नेताओं के एक समूह ने मंगलवार को पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर राज्य इकाई से जुड़े मामलों पर चर्चा की।

कुछ महीने पहले कांग्रेस को पंजाब में सत्ता बरकरार रहने की संभावनाएं दिखाई दे रही थीं, लेकिन अब उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा ही नहीं विपक्षी नेताओं ने भी राहुल गांधी के 'लगातार विदेश दौरे' पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कोई भी 'आधा समय' विदेश में रहकर राजनीति नहीं कर सकता है। आम आदमी पार्टी (आप) कई राज्यों में ताकतवर बनकर उभरने की कोशिश कर रही है, जहां कांग्रेस परंपरागत रूप से मजबूत रही है।

Edited By: Tanisk