रायपुर, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की नई सरकार ने पूर्व रमन सरकार के सभी पुराने कामों पर रोक लगा दी है। इस आशय के आदेश दो दिन पहले सभी विभागों को मंत्रालय से जारी कर दिए गए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब काम की प्राथमिकता बदलेगी और नई सरकार जनहित में की गई घोषणाओं के मुताबिक चलेगी।

जनहित में की गई घोषणाओं के मुताबिक होंगे काम

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अफसरों से विभागवार कार्ययोजना बनाने को कहा है। नई कार्ययोजना बनने के बाद काम की प्राथमिकता तय की जाएगी। माना जा रहा है कि नई सरकार सड़क, पुल, बिल्डिंग आदि का विकास करने की बजाय आम जनता, छात्रों, किसानों आदि को सीधे लाभ पहुंचाने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता देगी। इससे प्रदेश में करीब 25 हजार करोड़ की परियोजनाओं के ठप पड़ने की आशंका है।

कांग्रेस ने चुनावी घोषणापत्र में ऐसे कई वादे किए हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाना है। इसमें बरोगजगारी भत्ता, वृद्घावस्था पेंशन, कर्मचारियों की वेतनवृद्धि आदि योजनाओं पर काफी पैसा खर्च होगा। इसीलिए सरकार ऐसी योजनाओं पर कटौती करने जा रही है, जिनमें अधोसंरचना के विकास के नाम पर मनमाना खर्च किया जाता रहा है। सरकार की रोक के बाद अभी सूची बनाई जा रही है कि किन कामों को रोकना है।

हालांकि, यह तय हो गया है कि अटल नगर नया रायपुर का विकास अब रुक जाएगा। पिछली सरकार नया रायपुर के विकास पर अरबों रुपये खर्च कर रही थी। अटल नगर को आधुनिक स्मार्ट सिटी बनाने के लिए यहां तमाम सुविधाएं जुटाई जा रही थीं। हाल ही में सेक्टर 21 में सेंट्रल बिजनेस पार्क बना है, जो रायपुर की सबसे बड़ी बिल्डिंग है। 11 माले की इस बिल्डिंग की दो मंजिलें बिक चुकी हैं। यहां की एक मंजिल तो जिंदल ने ही खरीदी है। अब स्थिति यह है कि जो काम हो चुके हैं, उनको तो नहीं रोका जाएगा, लेकिन नया काम जो प्रस्तावित है उसे रोक दिया जाएगा।

अन्य योजनाओं पर भी चल सकती है कैंची

प्रदेश सरकार के वन विभाग में ही दो सौ करोड़ की परियोजना पर ग्रहण लग गया है। ऐसी स्थिति अन्य विभागों की भी है। ऐसी योजनाएं जो पूरी नहीं की गई हैं, उन्हें अब रोका जा रहा है। यानी ऐसे काम जो स्वीकृत तो थे पर पैसा जारी नहीं किया जा सका था, वे सभी अब अटक जाएंगे। इसका असर मुख्यमंत्री सड़क सहित प्रदेश में पुल-पुलिया, भवन आदि के निर्माण पर भी पड़ेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि नई कार्ययोजना लेकर आओ तब तय किया जाएगा कि कौन सा काम जरूरी है और कौन सा नहीं।

जो काम स्वीकृत हैं और चल रहे हैं उन्हें नहीं रोका जाएगा। ऐसे प्रस्ताव जिन्हें स्वीकृत तो किया गया है पर काम नहीं शुरू किया जा सका, उनकी समीक्षा करेंगे- गौरव द्विवेदी, सचिव, मुख्यमंत्री।

 

Posted By: Bhupendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस