नई दिल्ली, प्रेट्र। केरल के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उनसे बाढ़ से तबाह हुए राज्य को और कोष मुहैया कराने की मांग की। सभी दलों के नेताओं ने गृह मंत्री से विदेशी सहायता को अनुमति देने का भी अनुरोध किया।

दूसरी ओर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि राज्य को विदेशी सहायता मुहैया कराने के लिए सरकार कानूनी विकल्प की संभावना पर विचार करेगी। एक दिन के लिए बुलाए गए विधानसभा सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विनाशकारी बाढ़ से हुई व्यापक क्षति की चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, माकपा, आरएसपी, केरल कांगे्रस (मणि) और एक निर्दलीय सहित 11 सांसद शामिल थे। सांसदों ने गृह मंत्री को केरल में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति के बारे में बताया। इस दक्षिण भारतीय राज्य ने सदी के सबसे भीषण बाढ़ का सामना किया है।

मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बताया, 'दलगत भावना से ऊपर उठकर हम केरल के पुननिर्माण के लिए एकजुट हुए हैं। हम और कोष चाहते हैं। हमने गृह मंत्री से विदेशी सहायता पर प्रतिबंध खत्म करने का अनुरोध किया है। गृह मंत्री ने हमें इस संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बातचीत करने का भरोसा दिया है।'

केंद्र सरकार केरल को 600 करोड़ रुपये की सहायता दे चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केरल का दौरा किया था और उसके बाद सहायता की घोषणा की गई थी। केंद्र ने 2004 में आई सुनामी के बाद तत्कालीन संप्रग सरकार द्वारा विदेशी सहायता नहीं लेने को देखते हुए इस बार भी ऐसी सहायता लेने से इन्कार किया है।

कम कीमत पर एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने केरल में रियायती दर पर एलपीजी सिलेंडर मुहैया कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने इस संबंध में आग्रह किया था। बाढ़ के दौरान कई उपभोक्ताओं के सिलेंडर लापता हो गए हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh