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नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक तरफ जहां सभी राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं, वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ आंतरिक कलह से जूझने के साथ ही साथ बिखर रही है। कई वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी का साथ छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ से पार्टी स्वयं किनारा कर रही है। शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता सियाराम कौशिक सहित कुछ नेता कांग्रेस में वापसी का प्रयास करते दिखे तो अब्दुल हमीद हयात सहित दो से पार्टी ने स्वयं किनारा कर लिया।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक सियाराम कौशिक व चैतराम साहू ने काग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से मुलाकात की। चर्चा है कि चंद्रभान बारमते भी पार्टी से वास्ता तोड़ कांग्रेसी चोला ओढ़ने की तैयारी में हैं। दोनों कांग्रेस में शामिल होंगे या नहीं यह तो निर्धारित नहीं है पर पीएल पुनिया से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी है। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने शनिवार को अपने मुख्य महासचिव अब्दुल हमीद हयात व बिलासपुर के बृजेश साहू को पार्टी विरोधियों गतिविधियों में लिप्त होने के चलते पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।

पूरे दिन हुए इस घटनाक्रम से पार्टी की आंतरिक अस्थिरता बाहर आ गई। गौरतलब है कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव बाद अपनी सभी कमेटियों को भंग कर दिया था। अभी नई कमेटी का गठन नहीं हुआ है। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में मची भगदड़ से लगने लगा है कि पार्टी बिखराव की कगार पर है। देखना रोचक होगा कि अजीत जोगी पार्टी के बिखराव को रोकने के लिए कौन सा कदम उठाते हैं।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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