नई दिल्ली, प्रेट्र। वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) पर्चियों की ज्यादा मतदान केंद्रों पर गिनती की मांग के बीच निवर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने शनिवार को कहा कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आयोग इस पर कोई फैसला करेगा।

वर्तमान में वीवीपैट का उपयोग हर मतदान केंद्र पर किया जाता है, लेकिन ईवीएम और वीवीपैट के परिणामों का मिलान संसदीय क्षेत्र के सिर्फ एक मतदान केंद्र पर किया जाता है। ओपी रावत ने बताया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय सांख्यिकी संस्थान अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगा, उसके बाद ही आयोग इस बारे में कोई अंतिम फैसला करेगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या ऐसे मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी जहां ईवीएम और वीवीपैट के परिणामों का मिलान किया जाएगा? इस पर उन्होंने कहा, 'मैं नहीं बता सकता कि उनकी संख्या बढ़ेगी, इतनी ही रहेगी या कम हो जाएगी। यह रिपोर्ट पर निर्भर होगा।' विभिन्न राजनीतिक दलों की मांग है कि हर संसदीय क्षेत्र में 10 से 30 प्रतिशत तक वीवीपैट परिणामों का ईवीएम के साथ मिलान किया जाए।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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