अहमदाबाद [प्रेट्र]। गुजरात में पाटीदारों को आरक्षण और किसानों की कर्ज माफी को लेकर हार्दिक पटेल पिछले आठ दिनों से आमरण अनशन पर हैं। शनिवार को उनसे मिलने आई सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को पटेल के समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए समर्थकों ने मेधा को हार्दिक से नहीं मिलने दिया। शुक्रवार को हार्दिक ने एलान किया था कि वे अब पानी भी नहीं पिएंगे।

नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी पाटकर शनिवार सुबह हार्दिक से मिलने उनके घर पहुंचीं थीं, लेकिन पाटीदार अमानत आंदोलन समिति (पीएएसएस) से जुड़े लोगों ने उनको नहीं मिलने दिया। हार्दिक की करीबी गीता पटेल ने बताया, 'पाटकर का रवैया हमेशा गुजरात विरोधी रहा है। उनके द्वारा किए गए नर्मदा बांध के विरोध के चलते ही सात सालों तक किसानों को पानी नहीं मिला। यही वजह है कि समिति के कार्यकर्ता उनका विरोध कर रहे हैं।'

पाटकर का कहना है कि वह कभी किसान विरोधी नहीं रहीं। आज भी लोगों को नर्मदा बांध मुद्दे की सही समझ नहीं है। हमने किसानों के हित में आवाज उठाई थी, लेकिन जो लोग इस मुद्दे को नहीं समझते हैं, वे इसका विरोध कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता है कि हार्दिक को उनसे मिलने में कोई दिक्कत है, क्योंकि मैंने उनसे शुक्रवार को फोन पर बात की थी और उन्होंने मिलने की इच्छा जताई थी।

Posted By: Vikas Jangra