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हैदराबाद,प्रेट्र/आइएएनएस। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर मचे कोहराम के बीच तेलंगाना में पार्टी को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को पार्टी के दो तिहाई विधायकों ने सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में कांग्रेस विधायक दल के विलय के लिए विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीनिवास रेड्डी को अर्जी दी है। इन विधायकों में 11 मार्च में ही कांग्रेस छोड़ने का एलान कर चुके थे। नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 'जनादेश और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिनदहाड़े हत्या की जा रही है।

सत्ता, संसाधन और एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।'कांग्रेस के बागी विधायक गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के सरकारी आवास प्रगति भवन पहुंचे। मार्च में टीआरएस छोड़ने का एलान कर चुके 11 विधायकों के अलावा एक अन्य विधायक रोहित रेड्डी ने गुरुवार को टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के बेटे केटी रामा राव से मुलाकात के बाद सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी।

बागी कांग्रेस विधायक जीवी रमन रेड्डी ने कहा, 'हमने कांग्रेस विधायक दल की विशेष बैठक की। 12 सदस्यों ने मुख्यमंत्री केसीआर के नेतृत्व का समर्थन करते हुए उनके साथ काम करने की इच्छा जताई। हमने टीआरएस के साथ विलय के लिए स्पीकर को अर्जी दी है।'

विपक्षी दल का दर्जा गंवा देगी कांग्रेस
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से विलय की हरी झंडी मिलने पर कांग्रेस से टूटने वाले विधायकों की संख्या दो तिहाई होने के कारण उन पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा। विलय को मंजूरी मिलने के बाद 119 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी विधायकों की संख्या सिर्फ छह रह जाएगी और वह प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा भी गंवा देगी। सदन में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के विधायकों संख्या सात है।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 19 थी, लेकिन बुधवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह नालगोंडा से लोकसभा चुनाव में विजयी हुए हैं। 12 कांग्रेस विधायकों के शामिल होने के बाद सदन में टीआरएस के सदस्यों की संख्या 103 हो जाएगी।

कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर में किया प्रदर्शन
घटनाक्रम के विरोध में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता मल्लू भट्टी विक्रमार्क व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी आदि ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारियों को मार्शल ने हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस ने भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस समर्थकों को खदेड़ दिया। सभी ने विरोध स्वरूप अपने मुंह पर पट्टी बांध ली। रेड्डी ने कहा कि विलय के मुद्दे पर स्पीकर कैसे निर्णय ले सकते हैं, जब यह मामला अदालत में लंबित है। 

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Posted By: Monika Minal

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