न्‍यूयार्क (आइएएनएस)। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति का विरोध तेजी से हो रहा है। अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुधवार को एक महिला इस नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के बेस पर चढ़ गई। ट्रंप की इस पॉलिसी के तहत शरणार्थी माता-पिता से हजारों बच्‍चों को मजबूरन अलग होना पड़ा है।

सीएनएन के अनुसार, थेरेसा पैट्रिसिया ओकोउमोउ नामक इस महिला से अधिकारियों ने बुधवार को बात करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। करीब तीन घंटे तक वह स्टैच्यू पर वैसे ही रही। प्रदर्शन कर रही महिला की मांग थी कि जब तक शरणार्थी शिविर में बंद सभी बच्चे छोड़ नहीं दिए जाते और उन्हें उनके परिवार वालों से मिला नहीं दिया जाता, तब तक वह स्टैच्यू से नहीं उतरेंगी। पुलिस अफसरों ने महिला को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। फिर अफसर रस्सी के सहारे ऊपर चढ़े और महिला को जबरन उतारा। बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया। बता दें कि स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 305.6 फीट है।

राइज एंड रेसिस्ट ग्रुप से जुड़ी हैं थेरेसा
यह ग्रुप ट्रंप सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी का विरोध कर रहा है। बुधवार को इसने एक रैली का आयोजन किया था। इसी दौरान थेरेसा स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर चढ़ गई। उधर, इस ग्रुप का कहना है कि स्टेच्यू पर चढ़ना प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था। ग्रुप के मार्टिन जोसफ कूइन ने बताया कि थेरेसा ने ऐसा क्यों किया, हमें पता नहीं। पुलिस अफसर जेरी विलिस ने बताया कि थेरेसा के खिलाफ सरकारी कामकाज में दखल देने और अपमानजनक व्यवहार करने के तहत कार्रवाई की गई है।

न्यूयॉर्क पुलिस के अनुसार, महिला को नीचे उतारने के लिए 16 अफसरों को लगाया गया था। बुधवार सुबह अन्‍य प्रदर्शनकारियों ने स्टैच्यू के बेस पर बैनर लगा विरोध दर्ज कराया था। बैनर पर लिखा था, ‘Abolish ICE (Immigration and Customs Enforcement)!’

By Monika Minal