इस्‍लामाबाद। कोरोना वायरस की चपेट में चीन के बाद जो देश सबसे तेजी से आया उसमें ईरान का भी नाम शामिल है। ईरान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 21 मार्च 2020 तक इसके 20,610 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं इसकी वजह से मरने वालों की संख्‍या का आंकड़ा 1,556 तक जा पहुंचा है। 20 मार्च को ही यहांपर 966 नए मामले सामने आए थे। वहीं इसी दिन 123 लोगों की मौत इस वायरस की चपेट में आने के बाद हुई थी। हालांकि कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद से अब तक वहां पर 7635 लोग सही भी हुए हैं। लेकिन इस बीच ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ आवाजें भी उठने लगी हैं। पाकिस्‍तान के अखबार द डॉन ने अपने संपादकीय में इन प्रतिबंधों को अमानवीय करार देते हुए इन्‍हें हटाने की मांग की है। 

संपादकीय में कहा गया है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने से विकसित देश भी खुद को रोक नहीं सके हैं। अमेरिका समेत यूरोप में इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। ये सब तब है जब वहां पर तकनीक और पैसा सब कुछ है। इसके बाद भी इन देशों ने कुछ देशों पर जो प्रतिबंध लगाए हुए हैं उन्‍हें क्रूर और अमानवीय ही कहा जा सकता है। ये जानते हुए कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस मानवजाति को अपनी चपेट में ले रहा है, इन प्रतिबंधों में ढिलाई न देना या इन्‍हें खत्‍म न करना बेहद शर्मसार करने वाली बात है। अमेरिका ने ऐसे वैश्विक संकट में भी अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने से इनकार कर दिया है। ये हाल तब है जब इस्‍लामिक देशों में इस वायरस की चपेट में सबसे अधिक ईरान ही है। संपादकीय में ब्रायन हुक के उस बयान का भी उल्‍लेख किया है जिसमें उन्‍होंने सरकार पर अधिक से अधिक दबाव बनाने की बात कही थी। 

संपादकीय में ये भी कहा गया है कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों को इस वैश्विक संकट के न होने पर भी जायज नहीं ठहराया जा सकता है। ईरान में इस वायरस की वजह से जो हालात पैदा हुए हैं वो काफी गंभीर हैं। ऐसे में ईरान को बाहरी मदद की जरूरत है। इसमें ये भी कहा गया है कि ईरान में इस वायरस की वजह से खराब होते हालातों पर चीन ने भी चिंता जताई है और मानवता के नाम पर प्रतिबंधों पर राहत देने की अपील की है। जहां तक अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की बात है तो ये वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन इस संकट की घड़ी में ईरान का साथ देने की जरूरत है। ऐसे समय में हमें अपनी छोटी और नफरत भरी मानसिकता को छोड़कर मदद के लिए आगे आना चाहिए।   

वहीं तेहरान टाइस्‍म के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्री के शीर्ष सलाहकार मेहदी सनाई का कहना है कि मानवाधिकारों को ध्‍यान में रखते हुए इन प्रतिबंधों को तुरंत हटा देना चाहिए। उन्‍होंने एक ट्वीट कर ये भी कहा है कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इसको महामारी घोषित किया है। इस लिहाज से भी ईरान पर लगे प्रतिबंधों को सही नहीं कहा जा सकता है। उन्‍होंने ये भी कहा है कि आज वो वक्‍त है जब दुनिया के देशों को अमेरिका के लगाए प्रतिबंधों को नजरअंदाज कर ईरान की मदद को आगे आना चाहिए। 

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Posted By: Kamal Verma

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