जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी एंटीगुआ में ही छिपा है। एंटीगुआ सरकार ने सीबीआइ को आधिकारिक रूप से मेहुल चोकसी के अपने यहां होने की पुष्टि कर दी है। अब सीबीआइ प्रत्यर्पण कर घोटाले के आरोपी को भारत लाने के उपायों पर विचार कर रही है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चोकसी के वकील के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। चोकसी के वकील ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस से नजदीकियां होने के कारण उसके मुवक्किल को फंसाया जा रहा है।

दरअसल, इंटरपोल की ओर से मेहुल चोकसी के अमेरिका से भागकर एंटीगुआ पहुंचने की सूचना मिलते ही सीबीआइ सतर्क हो गई थी। जांच एजेंसी ने तत्काल एंटीगुआ सरकार को पत्र लिखकर मेहुल चोकसी की वस्तुस्थिति बताने को कहा था।

इसके साथ ही एंटीगुआ सरकार को चोकसी के खिलाफ आरोपों और भारत में वांछित होने के बारे में भी बताया गया। सीबीआइ ने मेहुल चोकसी पर पूरी निगरानी रखने को कहा था, ताकि वह किसी भी तरह से एंटीगुआ छोड़कर नहीं भाग सके।

सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एंटीगुआ सरकार की ओर से मेहुल चोकसी के वहां होने की पुष्टि के बाद उसके प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू हो गई है। समस्या यह है कि चोकसी के खिलाफ अभी तक इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी नहीं किया है। ऐसे में उसे एंटीगुआ में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। इसके अभाव ने सीबीआइ, विदेश मंत्रालय के मार्फत चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए एंटीगुआ के साथ सीधा संपर्क करेगी।

सीबीआइ ने एंटीगुआ सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया है कि मेहुल चोकसी को नागरिकता देने के पहले अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में इंटरपोल की इकाई सीबीआइ है। भारतीय नागरिक होने के कारण चोकसी के बारे में उससे रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए थी।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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