नई दिल्ली, प्रेट्र। ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर आने से संबंधित ब्रेक्जिट प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इससे भारतीयों को फिलहाल कोई समस्या नहीं होने वाली। यह बात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कही।

सुषमा ने बताया कि ब्रिटिश संसद सात जनवरी से ब्रेक्जिट पर चर्चा शुरू करेगा। इससे ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के संबंध और स्पष्ट होने की उम्मीद है। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, ब्रेक्जिट और उसके असर को लेकर अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है। पूरी प्रक्रिया करीब दो साल में पूरी होनी है। उम्मीद है कि उसके बाद भी सब कुछ ठीक रहेगा। अभी किसी बात को लेकर आशंका जताना ठीक नहीं है।

लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि 29 मार्च, 2019 को ब्रिटेन औपचारिक रूप से यूरोपीय यूनियन से बाहर निकल जाएगा लेकिन संबंध विच्छेद की प्रक्रिया 31 दिसंबर, 2020 को पूरी होगी। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन के नियमों के अनुसार चलेगा। लेकिन इस दौरान वह किसी विषय पर वार्ता, समझौता करने और पुराने समझौतों में सुधार करने का भी हकदार होगा।

अप्रैल 2018 में भारत और ब्रिटेन के संयुक्त बयान में कहा गया था कि दोनों देश ब्रेक्जिट प्रक्रिया के दौरान भी पुराने समझौतों को बनाए रखेंगे। साथ ही ब्रेक्जिट के बाद पुराने समझौतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाएंगे। पुर्तगाल के पासपोर्ट पर ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कहा, जो भी नागरिक ब्रिटेन में रह रहे हैं, उनके हितों की रक्षा का आश्वासन दिया गया है। सारी स्थिति संसद में ब्रेक्जिट को लेकर होने वाली बहस के बाद पूरी होगी। 31 दिसंबर, 2020 तक किसी की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होने जा रहा।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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