जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। यूक्रेन पर हमला करने के बाद अमेरिका, यूरोप और इनके सहयोगी देशों के निशाने पर आए रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा दांव खेला है जो वैश्विक कूटनीति में काफी हड़कंप मचा सकता है। एक तरफ पुतिन ने भारत व चीन की कंपनियों के लिए रूस के बाजार को और ज्यादा खोलने की पेशकश की है तो दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा है कि वो ब्रिक्स देशों के जरिये अपने तेल और गैस की आपूर्ति दूसरे विकासशील देशों को करेंगे। पुतिन बुधवार को ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स के बिजनेस फोरम को संबोधित कर रहे थे।

अपने आर्थिक हितों को तरजीह दे रहा भारत

पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी इस फोरम को वर्चुअल तरीके से संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि चालू वर्ष के दौरान भारत 7.5 प्रतिशत की विकास दर हासिल करके दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था बना रहेगा। पीएम मोदी ने इस बैठक में जिस तरह से अपने देश की आर्थिक क्षमताओं को सामने रखा है उससे साफ है कि चीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद भारत अपने आर्थिक हितों को ब्रिक्स से भी जोड़कर देखता है। ब्रिक्स के शीर्ष नेताओं का शिखर सम्मेलन 23 जून से शुरू होगा। शिखर बैठक से पहले बिजनेस फोरम की बैठक हुई।

भारत को बढ़ा रूसी तेल का निर्यात

अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंध के बावजूद चीन व भारत की तरफ से रूस से ज्यादा क्रूड व गैस खरीदने की खबरों के बीच पुतिन ने अपने संबोधन कहा कि इस साल के पहले तीन महीनों में ब्रिक्स देशों के साथ रूस का कारोबार 38 प्रतिशत बढ़कर 45 अरब डालर हो गया है। चीन व भारत को रूस से होने वाले तेल और गैस के निर्यात में भारी वृद्धि हुई है। भारत की रिटेल चेन कंपनियों के रूस में विस्तार करने को लेकर वार्ता जारी है। चीन की कार, उपकरण व हार्डवेयर का रूस के बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने पर बात हो रही है।

भारत में विस्‍तार कर रहीं रूसी कंपनियां

रूस की आइटी कंपनियां भारत और दक्षिण अफ्रीका में विस्तार कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस अपने बैंकिंग वित्तीय प्रबंधन सिस्टम को ब्रिक्स देशों के बैंकों के साथ जोड़ने को तैयार है। ब्रिक्स देशों की मुद्राओं के लिए अलग रिजर्व बनाने पर भी रूस विचार कर रहा है। पुतिन ने कहा कि रूस अपने तेल व गैस निर्यात को ब्रिक्स देशों के जरिये दूसरे विकासशील देशों को करने को भी तैयार है।

पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था में सुधार के चार तथ्य गिनाये

फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में कोरोना काल के बाद हो रहे सुधार के लिए चार तथ्यों को गिनाया। इसमें पहला है मौजूदा आर्थिक प्रगति तकनीकी आधारित है। देश में सौ से ज्यादा यूनीकार्न (एक अरब डालर से ज्यादा का कारोबार करने वाली नई कंपनियां) और 70 हजार स्टार्टअप हैं। दूसरा, भारत लगातार कारोबार करने के माहौल में सुधार कर रहा है। तीसरा, ढांचागत क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है और नई परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। चौथा, भारत में जितनी तेजी से डिजिटलीकरण हो रहा है उतनी तेजी से दुनिया में कहीं और नहीं हो रहा। उन्होंने ब्रिक्स देशों के स्टार्टअप के बीच लगातार संवाद कायम करने पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए व्यवस्था होनी चाहिए।

जानबूझकर लगाए गए प्रतिबंधों से पूरी दुनिया होती है प्रभावित: चिनफिंग

वहीं समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रतिबंधों को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि जानबूझकर इस तरह के कदम उठाने से दुनियाभर के लोग प्रभावित होते हैं। वर्चुअल तरीके से फोरम को संबोधित करते हुए चिनफिंग ने कहा जो लोग अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणालियों में प्रभुत्व का फायदा उठाकर जानबूझकर प्रतिबंध लगाते हैं, वे ना केवल खुद को बल्कि दुनियाभर के लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। अपने संबोधन के दौरान चिनफिंग ने शांति के लिए संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया।

Edited By: Krishna Bihari Singh