काठमांडू, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि भारत बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ सभी अहम मोर्चो पर काम करने को प्रतिबद्ध है। साथ ही वह आतंकवाद और नशीले पदार्थो की तस्करी को खत्म करने के लिए भी मोर्चा लेगा।

चौथे बिम्सटेक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि संपर्क बढ़ाने का बड़ा मौका है। व्यापारिक संपर्क, आर्थिक संपर्क, परिवहन संपर्क, डिजिटल संपर्क और जनता से जनता का संपर्क बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बिम्सटेक के सदस्य देशों के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है। इससे क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा। यह क्षेत्र भारत के 'नेबरहुड फ‌र्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के मिलाप का बिंदु बन जाएगा। बंगाल की खाड़ी हम सब की सुरक्षा और विकास के लिए खास महत्व रखती है।

मेजबान देश नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्र में ऐसा कोई देश नहीं है जो आतंकवाद और सीमा पार के अपराधों से जूझ न रहा हो। उदाहरण के तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी आतंकी नेटवर्कों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत नार्कोटिक्स से जुड़े मुद्दों पर बिम्सटेक के बैनर तले एक सम्मेलन की मेजबानी करने को तैयार है। यह किसी एक देश के कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है। हमें ऐसी परेशानियों से निपटने के लिए एकजुट होना चाहिए।

मोदी ने कहा कि हिमालय और बंगाल की खाड़ी के बीच स्थित बिम्सटेक देश आए दिन बाढ़, चक्रवाती तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने ऐसे मौकों पर मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए सहयोग और संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कोई भी देश शांति, समृद्धि और विकास के लिए अकेला आगे नहीं बढ़ सकता है। एक-दूसरे से जुड़ी दुनिया में सहयोग और सामंजस्य जरूरी है।..हमारे सभी बिम्सटेक देशों से सिर्फ कूटनीतिक संबंध ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास, कला, भाषा, खानपान और साझा संस्कृति मजबूती से आपस में जुड़ी हुई हैं।' उन्होंने सभी सदस्य देशों के हित में स्टार्टअप के लिए कृषि अनुसंधान और अन्य विभिन्न क्षेत्रों पर सम्मेलन की मेजबानी करने की भी पेशकश की। मोदी ने बताया कि नालंदा यूनिवर्सिटी में बंगाल की खाड़ी में कला, संस्कृति और अन्य विषयों पर अनुसंधान के लिए 'सेंटर फार बे ऑफ बंगाल स्टडीज' स्थापित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बिम्सटेक भारत समेत सात देशों का एक क्षेत्रीय समूह है। इसमें अन्य सदस्य बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल हैं। इस समूह के देशों की कुल आबादी वैश्विक आबादी का 22 फीसद है। इसका कुल घरेलू उत्पादन 2.8 लाख करोड़ डॉलर (करीब 196 लाख करोड़ रुपये) है।

हसीना, सिरीसेना और भंडारी से मिले मोदी
काठमांडू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक सम्मेलन के इतर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना और नेपाल के राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से द्विपक्षीय मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल की राजधानी में एक के बाद एक इन तीनों नेताओं से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की।

गोवा में हुआ था पिछला बिम्सटेक 
पिछला बिम्सटेक समिट 2016 में गोवा में हुआ था। उस दौरान भी आतंकवाद से मुकाबले पर विचार-विमर्श हुआ था। 2016 की बैठक में जोर दिया गया था कि आतंकी गतिविधियों को किसी भी तरह से जायजा नहीं ठहराया जा सकता है। पिछली बैठक में बिम्सटेक नेताओं ने आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा था कि आतंकियों,आतंकवादी संगठनों और आतंकी नेटवर्क के खात्मे और उन्हें प्रोत्साहन, समर्थन, वित्तीय सहयोग व सुरक्षित पनाह देने वाले देशों की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

31 अगस्त को होगा समापन 
ये बैठक 30 अगस्त यानी आज से शुरू हो रही है, जिसमें समूह के नेता संयुक्त बैठक करेंगे। आज दोपहर में पूर्ण सत्र होगा। वहीं, रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रि भोज होगा। जबकि 31 अगस्त को सदस्य देशों के नेताओं की मुलाकात और बैठकें होंगी। दोपहर बाद बिम्सटेक का समापन सत्र होगा।

क्या है बिम्सटेक?

  • बिम्सटेक (BIMSTEC) यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम।
  • यह बंगाल की खाड़ी से तटवर्ती या समीपी देशों का एक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 1997 में हुई।
  • बिम्सटेक में सात देश-बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं।
  • शामिल देशों की कुल आबादी 1.5 अरब है, लेकिन दुनिया के लिहाज से देखें तो यह 21 प्रतिशत है।
  • इस समूह में शामिल देशों की कुल जीडीपी 2500 अरब डॉलर है।

पीएम मोदी की चौथी नेपाल यात्रा

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की यह चौथी नेपाल यात्रा है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद ही नरेंद्र मोदी नेपाल गए थे, इससे पहले 17 साल तक कोई प्रधानमंत्री नेपाल नहीं गया था।

Posted By: Nancy Bajpai