एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की मेजबानी की थी। इसके बाद अब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मेहमान बनकर मालदीव के दौरे पर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 जून को अपने दूसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा पर मालदीव जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दौरा कई मायनों में खास होने वाला है।

'PM मोदी की यात्रा को राजकीय यात्रा का दर्जा'

मालदीव में भारत के राजदूत संजय सुधीर के मुताबिक, ' प्रधानमंत्री मोदी का मालदीव दौरा ऐतिहासिक है और इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह हमारे लिए एक सम्मान की बात है कि पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा को राजकीय यात्रा का दर्जा दिया गया है, जो आमतौर पर देश के प्रमुखों के लिए आरक्षित होती है, लेकिन मालदीव सरकार ने पीएम मोदी के मामले में इसको बदला है।'

मालदीव की संसद को PM मोदी करेंगे संबोधित

पीएम मोदी इस दौरान मालदीव की संसद को संबोधित भी करेंगे। मालदीव की संसद ने पीएम मोदी के संबोधन के लिए बाकायदा एक प्रस्ताव अपनी संसद में पास कराया है।

मालदीव को पीएम मोदी देंगे कई सौगातें

मालदीव को प्रधानमंत्री मोदी कई तरह की सौगातें देंगे। जिसमें फेरी सेवाओं से लेकर बंदगाह और नए क्रिकेट स्टेडियम का तोहफा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को मालदीव की संसद को संबोधित करेंगे।इसके अलावा पीएम मोदी मालदीव में दो नए प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास भी करेंगे। जिसमें एक होगा कोस्टल रडार प्रोजेक्ट और दूसरा होगा archipelago's डिफेंस फोर्सेज के लिए ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास।

इसके अलावा पीएम मोदी, भारत के लिए एक फेरी सेवा का भी शुभारंभ करेंगे तो वहीं मालदीव में क्रिकेट स्टेडियम के लिए फंड दिए जाने पर भी बातचीत करेंगे।

बता दें, 2014 में पहली बार पीएम बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले भूटान के दौरे पर गए थे। इसके बाद मोदी ने सभी दक्षिण एशियाई देशों का दौरा किया था, जिसमें मालदीव भी शामिल था। पीएम मोदी पिछली बार नवंबर 2018 में मालदीव के दौरे पर गए थे।

भारत-मालदीव के रिश्तों में पिछले कुछ समय में काफी नजदीकी देखने को मिली है। खासकर, मालदीव के राष्ट्रपति चुनावों में इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की जीत के बाद तो भारत-मालदीव के रिश्तों में गर्माहट बढ़ी है। पीएम मोदी नवंबर 2018 में इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने भी गए थे।

'भारत-मालदीव की दोस्ती से चीन की बढ़ी परेशानी'

भारत-मालदीव की गहराती दोस्ती से चीन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। भारत में पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में मालदीव के राष्ट्रपति शामिल हुए और इसके बाद मालदीव ने इंडिया फर्स्ट की नीति को अपनाया। ये सभी कदम चीन के लिए मालदीव की ओर से चेतावनी है कि वो अपना मित्र राष्ट्र चुन चुका है।

हालांकि, मालदीव पर चीन का कई हज़ार करोड़ का कर्ज है। लेकिन इसी चंगुल से बचने के लिए मालदीव भारत की ओर तेजी से हाथ बढ़ा रहा है और भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है।

'PM मोदी के दौरे से श्रीलंका को उम्मीदें'

श्रीलंका में ईस्टर के दिन सिलसिलेवार आतंकी बम धमाके हुए थे, जिसमें करीब 250 लोग मारे गए थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कई बार आतंकी हमले को लेकर श्रीलंका को अलर्ट किया था। इस आतंकी हमले के बाद पहली बार पीएम मोदी श्रीलंका के दौरे पर जा रहे हैं।

भारत में श्रीलंका के राजदूत ऑस्टिन फर्नांडों के मुताबिक, ' पीएम मोदी के श्रीलंका दौरे से पूरी दुनिया को ये संदेश जाएगा कि श्रीलंका आना अब सुरक्षित है। हमें पीएम मोदी के इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं।'

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Posted By: Shashankp

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