मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली, आइएएनएस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को रूस के 2 दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर 5 सितंबर को पांचवें ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

इस मंच से भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा। साथ ही रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी विकसित करने का अवसर होगा। मोदी 20वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में भी शिरकत करेंगे। रूस यात्रा के लिए रवाना होने से पहले कहा है कि ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (ईईएफ) में विकास करने का अथाह साम‌र्थ्य है। इससे भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग बेहद लाभकारी होगा। 

किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया कि उनकी रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र (फार ईस्ट रीजन) की यात्रा, किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। दोनों देश रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के सामरिक क्षेत्रों में गहन सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और रूस ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं। हमारी मजबूत साझेदारी से बहुध्रुवीय विश्व की इच्छाओं को मजबूती मिलेगी। भारत और रूस क्षेत्रीय और बहुआयामी मंचों पर एक-दूसरे के करीबी सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन से द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों और साझा हित के क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

व्लादिवोस्तोक में मोदी के होर्डिग
रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में स्थित व्लादिवोस्तोक शहर ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (ईईएफ) में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तकबाल के लिए तैयार है। यहां जगह-जगह मोदी के बड़े-बड़े होर्डिग लगे हुए हैं जिन पर 'इंवेस्ट इंडिया' का संदेश लिखा हुआ है। व्लादिवोस्तोक शहर प्रशांत महासागर क्षेत्र में रूस का प्रमुख बंदरगाह है। यह चीन और उत्तर कोरिया की सीमाओं से लगा हुआ है। सम्मेलन के आयोजन स्थल फार ईस्टर्न फेडरल यूनिवर्सिटी (एफईएफए) में 70 व्यापारिक कार्यक्रम होंगे। भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, आसियान और यूरोप के कारोबारियों के बीच बातचीत होगी। सांस्कृतिक और खेल के कार्यक्रम भी होंगे। जूडो टूर्नामेंट भी होगा जिसके पुतिन माहिर हैं। रेगाटा और सूमो कुश्ती जैसे खेल भी होंगे।

जहाजों के निर्माण में भी रुचि लेंगे
पीएम मोदी बुधवार की सुबह रूसी शहर व्लादिवोस्तोक पहुंचकर अपने दौरे की शुरुआत 20वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में होकर करेंगे। मोदी और पुतिन खाड़ी के हालात और अफगानिस्तान की स्थिति पर भी चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद दोनों नेता रूस के सबसे बड़े शिप यार्ड में भी जाएंगे जहां जहाजों का निर्माण होता है। वेज्दा जहाज निर्माण परिसर की क्षमताओं का मुआयना करते हुए मोदी इस क्षेत्र में भी सहयोग की संभावना तलाशेंगे। प्रधानमंत्री मोदी रूस के ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (ईईएफ) में शामिल होने वाले अन्य देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता भी कर सकते हैं। इस सम्मेलन में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद और मंगोलिया के राष्ट्रपति खाल्तमागिन बत्तुलगा आदि भी शामिल होंगे।

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Posted By: Manish Pandey

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