जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। सत्ता में दोबारा लौटने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पहली बार दुनिया के दो बड़े देशों चीन व रूस के प्रमुखों से द्विपक्षीय वार्ता की। गुरुवार को बिशकेक (किर्गिजस्तान) में मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से हुई मुलाकात में अक्टूबर, 2019 में चिनफिंग की भारत यात्रा का एजेंडा तय हुआ तो पुतिन व मोदी की वार्ता में सितंबर, 2019 में मोदी की रूस यात्रा को अंतिम रूप दिया गया। मोदी ने चिनफिंग को साफ तौर पर यह बता दिया गया कि उनका मित्र राष्ट्र पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रवैये में कोई खास सुधार करता नहीं दिख रहा। ऐसे में पाकिस्तान से वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं बन रही।

इसके पहले गुरुवार को सुबह मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शीर्ष नेताओं की बैठक में हिस्सा लेने के लिए बिशकेक को रवाना हुए और उनके जहाज ने पाकिस्तान की हवाई सीमा का कतई इस्तेमाल नहीं किया। मोदी का विमान नई दिल्ली से उड़ान भर कर गुजरात होते हुए अरब सागर के उपर से ईरान में दाखिल हुई। उसके बाद यह तुर्केमिनिस्तान व उज्बेकिस्तान होते हुए बिशकेक पहुंचा।

सनद रहे बुधवार को पाकिस्तान सरकार ने भारतीय पीएम के विमान को अपनी वायु सीमा के उपर उड़ान भरने की इजाजत दी थी। लेकिन भारत ने इसके इस्तेमाल से मना कर दिया था। मोदी के वहां पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान भी बिशकेक पहुंचे हैं। दोनो के आधिकारिक मुलाकात की कोई योजना नहीं है। हालांकि वहां सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं का रात्रि भोज भी है। वहां अगर मुलाकात होती भी है तो उसके दुआ सलाम तक ही सीमित रहने के आसार है। वैसे मोदी की चिनफिंग और पुतिन से एक और मुलाकात इसी महीने के अंत में ओसाका (जापान) में समूह-20 देशों की बैठक में होगी।

भारत आएंगे चिनफिंग 
विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति ने जहां मोदी को चुनावी जीत पर बधाई दी तो मोदी ने उन्हें जन्म दिन की शुभकामनाएं दी। मोदी ने उन्हें अगली अनौपचारिक वार्ता के लिए आमंत्रित किया जिसे चिनफिंग ने तुरंत स्वीकार किया।

वुहान के बाद यह दोनो नेताओं की दूसरी अनौपचारिक बैठक होगी जिसमें द्विपक्षीय रिश्तों की पेंचों को खोलने का तरीका खोजा जाएगा। आज की बैठक में यह हुआ कि वर्ष 2020 में दोनो देशों के राजनयिक रिश्तों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर 70 कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। दोनो देशों में 35-35 कार्यक्रम आयोजित होंगे। वुहान बैठक में लिए गये फैसलों की भी आज समीक्षा की गई और दोनो नेताओं ने माना की हालात में सुधार हो रहा है। खास तौर पर सीमा पर शांति कायम करने में सफलता मिली है। कारोबार से जुड़े मुद्दों पर भी विमर्श हुआ

मोदी जाएंगे रूस 
मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच भी अलग से मुलाकात हुई। द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत के साथ ही पुतिन ने मोदी को ईस्टर्न इकोनोमिक फोरम की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने इसे सहज तरीके से स्वीकार किया और अब वह सितंबर, 2019 में रूस की यात्रा करेंगे। इस दौरान दोनो देशों के बीच सालाना होने वाली शीर्षस्तरीय बैठक भी होगी।

मोदी और पुतिन के बीच यह पिछले पांच वर्षो के दौरान हुई 27वीं बैठक थी। दोनो नेताओं के बीच 14 बार द्विपक्षीय और 13 बार बहुपक्षीय बैठकों में मुलाकात हो चुकी है। पुतिन ने एक बार फिर मोदी से कहा कि रूस के पूर्वी क्षेत्र में निवेश करने के लिए भारत को आगे आना चाहिए। इस क्षेत्र में तेल व गैस के काफी भंडार है जिसे दोनो देश मिल कर निकाल सकते हैं। इसके अलावा मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत रूस के हथियारों के निर्माण की संभावनाओें पर भी दोनो के बीच बातचीत हुई है।

बिश्केक में एससीओ की 19वीं बैठक
यह एससीओ का 19वां सम्मेलन है, जिसका आयोजन किर्गिस्तान के बिश्केक में 13 से 14 जून तक किया जा रहा है। एससीओ, चीन के नेतृत्व वाला आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा समूह है, जिसमें भारत और पाकिस्तान को 2017 में शामिल किया गया था।

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Posted By: Shashankp

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