मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कश्मीर मुद्दे को लेकर फ्रांस खुलकर भारत के साथ आ गया है। कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भारत और पाकिस्तान से इसे बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की। साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर कोई तीसरा पक्ष न तो दखल दे और न ही कश्मीर में हिंसा भड़काने वाला काम करे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस के सहयोग की सराहना की। 

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती सदियों पुरानी है। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों की पेरिस से लगभग 50 किलोमीटर दूर फ्रांस की सांस्कृतिक विरासत में से एक चेटेउ डी चंतिलि में सीधी बातचीत हुई। 

मैंक्रो ने कहा- कश्मीर भारत का आंतरिक मामला
करीब डेढ़ घंटे चली बातचीत के बाद दोनों ने नेताओं ने साझा प्रेस कांफ्रेंस की। राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने संबोधन में पुलवामा हमले की निंदा की और फिर कहा कि कश्मीर मसला भारत और पाक के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है। दोनों देशों को बातचीत के जरिए आपसी मतभेदों को दूर करना चाहिए। मैक्रों ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को भारत का आंतरिक मामला बताया। साथ ही चंद्रयान मिशन के लिए उन्होंने मोदी को बधाई दी। वहीं, मोदी ने कहा कि समूह-7 को भारत का पूरा सहयोग है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती सदियों पुरानी है और यह किसी स्वार्थ पर नहीं टिकी है। मोदी ने कहा कि जैव विविधता के लिए भारत सदियों से प्रतिबद्ध है। भारत और फ्रांस के बीच सौर गठबंधन अहम है। 

प्रधानमंत्री ने बताया कि फ्रांस 36 राफेल लड़ाकू विमानों से पहला विमान अगले महीने सौंपेगा। उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था हमारा मुख्य लक्ष्य है। भारत में फ्रांसीसी उद्यमियों के लिए निवेश का बहुत सुनहरा मौका है। दोनों देशों ने तकनीकी और सह उत्पादन के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पर्यटन क्षेत्र में भी इजाफा हो रहा है।

 उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सहयोग में फ्रांस का सहयोग मिला। पीएम ने कहा कि समूह-7 की बैठक में शामिल होने को लेकर वग उत्सुक हैं। इससे पहले पेरिस पहुंचने पर हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का रेड कारपेट स्वागत हुआ। विदेश मंत्री जीन वेस ली ड्रायन ने उनकी आगवानी की। पीएम मोदी यहां प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे और फ्रांस में 1950 व 1960 के दशक में दुर्घटनाग्रस्त होने वाले दो भारतीय विमानों की याद में स्मारक का उद्घाटन करेंगे। शुक्रवार को वह फ्रांस के प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलिप से मिलेंगे।

यूएई और बहरीन आज रवाना होंगे मोदी
पीएम मोदी शुक्रवार को फ्रांस से यूएई और बहरीन की यात्रा पर जाएंगे। रविवार को वह फिर फ्रांस के शहर बियारित्ज लौटेंगे और समूह-7 की बैठक में हिस्सा लेंगे। भारत वैसे तो समूह-7 देशों का सदस्य नहीं है लेकिन फ्रांस ने विशेष तौर पर भारत समेत कुछ और देशों को आमंत्रित किया है। सोमवार को उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होगी। दोनों के बीच कश्मीर मुद्दे पर बातचीत लगभग तय है। 

ट्रंप और मोदी के बीच मुलाकात को लेकर पहले से कोई तैयारी नहीं थी लेकिन कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद मोदी-ट्रंप मुलाकात की तिथि तय की गई। ट्रंप ने मंगलवार को कश्मीर को लेकर काफी चिंता जताने के साथ यह भी कहा था कि वह मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। पीएम की समूह -7 की बैठक के दौरान ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन के साथ भी मुलाकात हो सकती है। 

फ्रांस रवाना होने से पहले मोदी ने ट्वीट किया था, 'यूएई में क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बहुत ही अहम बैठक होने वाली है। दोनों मिल कर महात्मा गांधी की 150 वें जन्म दिवस पर एक डाक टिकट भी जारी करेंगे। वहां रूपे कार्ड भी लांच किया जाएगा।' यूएई में प्रधानमंत्री मोदी के वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'जायद मेडल' से भी नवाजा जाएगा।

बहरीन यात्रा के बारे में पीएम ने लिखा था कि यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली बहरीन यात्रा होगी। बहरीन में पीएम मोदी प्रवासी भारतीयों के एक समूह को भी संबोधित करेंगे। पीएम ने बताया है कि बहरीन में वह खाड़ी क्षेत्र के सबसे प्राचीन मंदिर भगवान श्रीनाथ जी के नए सिरे से विकास से जुड़ी योजना का भी शुभारंभ करेंगे। 

Posted By: Arun Kumar Singh

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