गोरखपुर, जेएनएन। भारत सरकार द्वारा नेपाल में प्याज निर्यात पर रोक लगाए जाने के बाद भारत से नेपाल जा रहे प्‍याल लदे ट्रकों को सोनौली बार्डर से अधिकारियों ने वापस कर दिया। प्‍याज की कीमतों में भारी बढ़ोत्‍तरी के कारण भारत ने प्‍याज के निर्यात पर रोक लगा दी थी। नेपाली बाजार से भारतीय प्‍याज के गायब होने से वहां प्‍याज की कीमतें बढ़ गई हैं।

तीन दिन से लाइन में लगे थे ट्रक

भारत नेपाल सीमा के सोनौली कस्‍बे से प्‍याज लदे ट्रकों को वापस भेजे जाने से प्याज के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। ट्रांसपोर्टर सन्नी गुप्ता का कहना है कि राजमार्ग पर लगे जाम के कारण उनकी प्याज लदे ट्रक तीन दिन से बार्डर के पास आकर नेपाल नहीं जा पाए। जिससे बहुत नुकसान हो रहा है।

व्‍यापारियों को हो रहा नुकसान

ट्रांसपोर्टर रानू खान, वकील खान, महबूब खान, राधेश्याम व पुनीत का कहना है कि अचानक आए आदेश के कारण उन्हें नुकसान सहना पड़ा है। अगर उन्हें पहले ही पता होता तो वह वह प्याज की उठान ही नहीं करते। सरकार ने अचानक प्याज निर्यात पर रोक से नेपाल में व्यापार से जुड़े लोगों को नुकसान पहुंचा है। 

नेपाल में 140 रुपये प्रति किलो मिल रही प्‍याज

नेपाल में भारत सरकार द्वारा प्याज पर प्रतिबंध लगाने के बाद नेपाल के पहाड़ी जिलों में प्याज के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में प्याज 140 रुपये किलो तक बिक रही है। वहीं मैदानी क्षेत्र में प्याज के दाम 100 से 110 रुपये प्रति किलो है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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