नयी दिल्ली, प्रेट्र। ब्रिक्स की वर्चुअल बैठक में गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि रूस- यूक्रेन युद्ध के प्रभाव से ऊर्जा, खाद्य और वस्तुओं की लागत में तेज वृद्धि हुई है। विकासशील देशों के लिए इसे कम किया जाना चाहिए। चीन, रूस और दो अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के सुनने के साथ जयशंकर ने यह भी कहा कि ब्रिक्स ने बार-बार देशों के बीच संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए सम्मान की पुष्टि की है। ब्रिक्‍स समूह को इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में अपनी टिप्पणी में विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि समूह को पाकिस्तान के स्पष्ट संदर्भ में आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद को किसी कीमत पर बर्दाश्‍त नहीं किया जाना चाहिए।

ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) दुनिया के पांच सबसे बड़े विकासशील देशों को एक साथ लाता है, जो वैश्विक आबादी का 41 फीसदी, वैश्विक जीडीपी का 24 फीसदी और वैश्विक व्यापार का 16 फीसदी प्रतिनिधित्व करता है। इस बैठक की मेजबानी चीन ने की।

जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के प्रभाव से ऊर्जा, भोजन और वस्तुओं की लागत में तेज वृद्धि हुई है। विकासशील देशों की खातिर इसे कम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ने बार-बार संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की पुष्टि की है। हमें इन प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए। उनकी टिप्पणियां पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव और यूक्रेन पर रूस के सैन्य आक्रमण की पृष्ठभूमि में आए हैं।

जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स को सर्वसम्मति से और विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का समर्थन करना चाहिए। साथ में हमें जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय के लिए विकसित देशों द्वारा संसाधनों की विश्वसनीय प्रतिबद्धता के लिए दबाव डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए जीरो टालरेंस का प्रदर्शन करना चाहिए। एक वैश्वीकृत और डिजि‍टल दुनिया विश्वास और पारदर्शिता को उचित सम्मान देगी। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को व्यापक तरीके से प्राप्त किया जाना चाहिए।

Edited By: Amit Singh