गोरखपुर, राजेश्वर शुक्ला। नेपाल में गंडक नदी पर बने नेपाल बांध के समानांतर बनी धोबहा ड्रेन के कहर से लोगों को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ड्रेन पर पांच पुलों का निर्माण करा रहा है। पुलों के बनने से नेपाल के नवलपरासी जिले के साथ ही उत्तर प्रदेश के महराजगंज, कुशीनगर व बिहार के तराई इलाकों को गंडक नदी की बाढ़ से निजात मिल सकेगी।

नेपाल के एक दर्जन गावों को मिलेगा पुनर्जीवन

इससे नवलपरासी के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों की 8852 हेक्टेयर जमीन पर फसल लहलहा सकेगी। अभी यह इलाका पानी से भरा रहता है। गंडक हाई लेवल कमेटी की संस्तुति के बाद सिंचाई विभाग ने पुलों के निर्माण का कार्य भी प्रारंभ करा दिया है। ये पुल करीब 9.2 किमी लंबी धोबहा ड्रेन पर छह करोड़ की लागत से बनेंगे। धोबहा ड्रेन मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से निकलकर पावर इस्केप चैनल में मिलती है। इसके बाद चैनल का पानी गंडक नदी में मिल जाता है। पानी के उतार-चढ़ाव के कारण अक्सर बाढ़ का खतरा बना रहता है। पुलों के निर्माण के बाद पानी का बहाव सामान्य ढंग से हो सकेगा।

नेपाल ने योगी से की थी समस्या समाधान की मांग

नेपाल के राजदूत नीलांबर आचार्य ने 24 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की थी। आचार्य ने योगी से भारत-नेपाल के बीच व्यापार, धार्मिक, सांस्कृतिक और अन्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की। नेपाली राजदूत ने मुख्यमंत्री से धोबहा डे्रन से लोगों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया था। साथ ही उन्होंने समस्या से निजात के लिए अनुरोध किया था।

यहां बनेंगे पुल

नवलपरासी जिले में स्थित धोबहा ड्रेन पर पांच पुल बनाने की गंडक हाई लेवल कमेटी ने संस्तुति के बाद उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा कार्य तेजी से शुरू करा दिया गया है। करीब 9.2 किमी लंबे धोबहा ड्रेन पर छह करोड़ की लागत से पांच पुल बनाए जा रहे हैं। पहला पुल वीआरबी (विलेज रोड़ ब्रिज) के 0.4 किमी व दूसरा पुल 1.1 किमी पर बन रहा है। तीसरा पुल 1.7 किमी व चौथा पुल 2.2 किमी पर बनाया जा रहा है। पांचवां पुल 2.9 किमी पर निर्माणाधीन है। इसके बन जाने से क्षेत्र नवलपरासी जनपद का 8852 हेक्टेयर क्षेत्र को कृषि योग्य बनाया जा सकेगा जो कि अभी तक जलमग्न होने के कारण निष्प्रयोज्य रहता था। धोबा ड्रेन मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से निकलकर पावर इस्केप चैनल में मिलता है। इसेक बाद चैनल का पानी गंडक नदी में मिल जाता है।

नेपाल के नवलपरासी जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों को जल भराव से और भारत के तराई क्षेत्र में बाढ़ से निजात दिलाने के लिए धोबहा डे्रन पर पांच पुल बनाए जा रहे हैं। ड्रेन की सात किलोमीटर सफाई भी कराई जा चुकी है। - केके राय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल दो

Posted By: Pradeep Srivastava

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप