नई दिल्ली, पीटीआइ। इटली के साथ बैठक में भारत ने कोविन वैक्सीन प्रमाणपत्र को पारस्परिक मान्यता देने, यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने और इटली में काम करने वाले भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा लाभों की पोर्टेबिलिटी के मुद्दों को उठाया। शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच शुक्रवार को वर्चुअल तरीके से आयोजित संयुक्त आर्थिक सहयोग आयोग(जेसीईसी) की 21वीं बैठक में ये मुद्दे उठाए गए।

व्यापार एवं निवेश बढ़ाने पर मंथन

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इटली के विदेश मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री लुइगी डि माओ ने संयुक्त रूप से इस बैठक की अध्यक्षता की। बयान के मुताबिक दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश बढ़ाने और रेलवे, स्टार्ट-अप, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, चमड़ा और लघु एवं मझोले उद्यमों को बढ़ावा देने समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और उसे विस्तार देने पर विचार किया।

अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर बात

बैठक के दौरान तीन भारतीय कंपनियों-इंडियन आयल कारपोरेशन, अदाणी सोलर और रिन्यू पावर ने और इटली की तीन कंपनियों-इनेल ग्रीन पावर, स्नैम और मायरे टेक्नोलाजी ने ग्रीन अर्थव्यवस्था, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित अपनी प्रस्तुति पेश की। 

कोविन प्लेटफार्म मुफ्त देने की पेशकश

जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की चल रही बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत कोविन प्लेटफार्म दूसरे देशों को मुफ्त में उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मानवीय जरूरतों को व्यापारिक लाभों के आगे ज्यादा महत्व दिया जाता है।

वित मंत्री ने गिनाई उपलब्धियां

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि महामारी के दौरान भारत ने सफलतापूर्वक समावेशी सेवा वितरण के साथ तकनीक का एकीकरण किया। कोविन प्लेटफार्म से न सिर्फ टीकाकरण का दायरा बढ़ाने में मदद मिल रही है बल्कि इसका बेहतर तरीके से प्रबंधन भी किया जा रहा है।