गोरखपुर, जेएनएन। काठमांडू में पहली बार आठ दिसंबर को गीता जयंती मनाई जाएगी। कार्यक्रम पशुपतिनाथ मंदिर के गीताप्रेस केंद्र पर होगा। श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय का सामूहिक वाचन इसका मुख्य आकर्षण होगा। भारत, नेपाल समेत कई देशों के एक हजार से अधिक प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे। गीताप्रेस के गोरखपुर व काठमांडू केंद्र पर इसकी तैयारियां चल रही हैं।

नेपाली भाषा में हुआ प्रकाशन

'गीता पद छेद' समेत छह पुस्तकों का नेपाली भाषा में प्रकाशन कर गीता प्रेस उस राष्ट्र के प्रति पहले ही अपना सम्मान जता चुका है, जो हिंदू धर्म-संस्कृति से ओतप्रोत है। 'गीता पद छेद' वही पुस्तक है जिसके प्रकाशन के साथ गीता प्रेस की स्थापना हुई थी।

श्रीमद्भगवद्गीता का स्वाध्याय भी होगा

गीता जयंती के दिन पशुपतिनाथ मंदिर स्थित केंद्र पर कार्यक्रम की शुरूआत सुबह दस बजे सामूहिक वाचन के साथ होगी। दोपहर 1:30 बजे तक श्रीमद्भगवद्गीता का स्वाध्याय होगा। इसके बाद गीता पर गोष्ठी होगी। नेपाल के संस्कृति मंत्री को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है, हालांकि अभी उनकी सहमति नहीं मिली है। केंद्र संचालक जयकिशन शारडा ने उम्मीद जताई है कि वह अनुमति जरूर प्रदान करेंगे। इसके अलावा नेपाल में भारत के राजदूत समेत तमाम देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रण भेजा रहा है।

Posted By: Pradeep Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस