पोर्ट लुई, पीटीआइ। विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में रविवार को मॉरीशस पहुंचे। वह मॉरीशस के शीर्ष नेतृत्व और अन्‍य नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। जयशंकर (S Jaishankar) मॉरीशस के दो दिनों के दौरे के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस पड़ोसी देश के राष्ट्रपति पृथ्वीराजसिंह रूपुन और प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के साथ बैठकें करेंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने यहां पहुंचने के शीघ्र बाद ट्वीट किया- नमस्ते-बोनसोइर मॉरीशस। उन्‍होंने मॉरीशस के विदेश मंत्री एलन गानू को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि मैं मॉरीशस की यात्रा के सार्थक होने की उम्मीद करता हूं। जयशंकर मॉरीशस के विदेश मंत्री समेत अन्य मंत्रियों के साथ भी मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) मॉ‍रीशस के नेताओं के साथ बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्री अपनी यात्रा के पहले पड़ाव मालदीव गए थे। मालदीव के नेताओं के साथ सकारात्‍मक बैठकों के बाद अब वह मॉ‍रीशस पहुंचे हैं। बता दें कि मालदीव और मॉरीशस दोनों ही देश हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी माने जाते हैं।

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले मालदीव में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मित्र देश की समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौते पर दस्तखत किए। यही नहीं उन्‍होंने मालदीव की सुरक्षा को लेकर भारत की वचनबद्धता भी जताई। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक भारत ने समुद्री सुरक्षा के सिलसिले में मालदीव के साथ पांच करोड़ डॉलर (करीब 370 करोड़ रुपये) का क्रेडिट एग्रीमेंट किया है। इससे मालदीव को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।  

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