जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। भारत में कोरोना की दूसरी लहर तबाही मचा रही है। चीन इसका फायदा उठाने में जुट गया है। भारत को कोरोना संक्रमण में गहरे फंसे देख चीन दक्षिण एशियाई देशों के बीच अपनी कोरोना रणनीति को लेकर ज्यादा मुखर होता दिख रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को नेपाल, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका व पाकिस्तान की बैठक बुलाई गई थी। इसमें चीन ने इन सभी देशों को कोरोना से लड़ाई में वैक्सीन समेत हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

अपनाया आक्रामक रवैया 

अभी तक भारत पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान को छोड़ कर दूसरे सभी पड़ोसी देशों को उदारता से वैक्सीन दे रहा था लेकिन अब भारत की तरफ से मदद मिलनी बंद हो गई है। ऐसे में चीन इन देशों में कोरोना रणनीति को आक्रामक तरीके से लागू करने की चेष्टा कर रहा है। इन देशों के पास चीन की मदद हासिल करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प भी नहीं दिख रहा है।

दूसरे देशों से वैक्सीन खरीद रहा भारत 

जानकारों का कहना है कि नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश को भारत की तरफ से पूर्व में काफी मात्रा में वैक्सीन दी गई है। भारत ने पहले अफगानिस्तान को भी वैक्सीन देने का वादा किया था। ये सारे देश भारत से दूसरे चरण में और ज्यादा वैक्सीन की उम्मीद लगाए थे लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। कोरोना की दूसरी लहर से जूझता भारत खुद ही दूसरे देशों से वैक्सीन खरीद रहा है। 

पड़ोसी मुल्‍कों के पास कोई विकल्‍प नहीं 

भारत से वैक्सीन खरीदने की उम्मीद लगाए इन देशों के पास चीन के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं दिख रहा। बांग्लादेश ने भारत से 70 लाख वैक्सीन डोज वाणिज्यिक कीमत पर खरीदने का आर्डर दिया था। भारत ने उसे 32 लाख डोज अनुदान के तौर पर दी है लेकिन उसे 23 लाख डोज अभी तक नहीं दी जा सकी है। 

पड़ोसी देशों ने लगा रखी थी उम्‍मीद 

दूसरी तरफ चीन सरकार ने उसे 1.10 लाख डोज मुफ्त वैक्सीन देने का प्रस्ताव भेजा है। चीन दूसरे देशों को भी कुछ मदद के तौर पर और कुछ वाणिज्यिक आधार पर अपनी कोरोना वैक्सीन देने को तैयार है। नेपाल भी भारत से 20 लाख डोज वैक्सीन की उम्मीद लगाए हुए था।

विदेश मंत्रालय नई चुनौती से वाकिफ

असलियत में सिर्फ दक्षिण एशियाई देश ही नहीं बल्कि एशिया के कुछ दूसरे देश जो अभी तक भारत निर्मित वैक्‍सीन की आस लगाए बैठे थे, उन्हें अब चीन की तरफ देखना पड़ रहा है। इंडोनेशिया व दक्षिण पूर्वी क्षेत्र के दूसरे देश इसमें शामिल हैं। माना जा रहा है कि भारतीय विदेश मंत्रालय इस नई चुनौती से वाकिफ है और इस बारे में अमेरिका व दूसरे देशों के साथ भी बात हो रही है। 

चीन की कूटनीति के जवाब में एकजुट हुए मित्र देश 

हाल ही में भारत, अमेरिका, जापान व आस्ट्रेलिया के प्रमुखों की बैठक में कोरोना वैक्सीन को लेकर एक वृहत वैश्विक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका एक बड़ा उद्देश्य चीन की वैक्सीन कूटनीति की धार को कुंद करना है। मंगलवार (27 अप्रैल, 2021) को ही भारत, जापान व आस्ट्रेलिया के कारोबार मंत्रियों की बैठक में कोरोना महामारी के लिए जरूरी दवाई व वैक्सीन की मौजूदा सप्लाई चेन की जगह अपनी व्यवस्था स्थापित करने को लेकर बात हुई है। देखना होगा कि कब तक भारत व सहयोगी देशों की रणनीति तैयार हो पाती है।