नई दिल्ली, जेएनएन। यूक्रेन को लेकर रूस और अमेरिका-नाटो के बीच लगातार बढ़ते तनाव में अब चीन भी कूद पड़ा है। चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण राजनीतिक समाधान की पैरवी करते हुए अमेरिका और नाटो को फटकार लगाई है। चीन ने कहा कि इस मुद्दे पर रूस की तार्किक सुरक्षा चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। चीन के इस तरह खुलकर सामने आने से अमेरिका के खिलाफ दुनिया के दूसरे देशों के एकजुट होने के साफ संकेत मिले हैं।

वांग की अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से फोन पर वार्ता के बाद चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सैन्य ब्लाकों का विस्तार करके या उन्हें मजबूत करके क्षेत्रीय सुरक्षा की गारंटी नहीं दी सकती।

वांग की इस टिप्पणी में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की चेतावनी की झलक मिल रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि यूक्रेन को मिल रहा नाटो का समर्थन रूस की सुरक्षा के लिए चुनौती है। खास बात यह है कि रूस जब यूक्रेन की सीमा पर अपनी फौजों का जमावड़ा बढ़ा रहा था तब चीन मौन रहा लेकिन अब शांतिपूर्ण समाधान की बात कर रहा है।

इस बातचीत के संबंध में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि ब्लिंकन, रूस द्वारा की जा रही घेराबंदी से वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को अच्छी तरह समझ रहे हैं। उन्होंने अपने चीनी समकक्ष से कह दिया है कि सेनाएं पीछे करने और कूटनीति से ही इस संकट का जिम्मेदारी भरा समाधान संभव है। इस बातचीत से यह भी स्पष्ट हुआ कि गत नवंबर में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच वार्ता के दौरान हुई गर्मागर्मी के बाद से दोनों देशों के बीच तल्खी कम नहीं हुई है।

वांग ई ने गुरुवार के अपने बयान में कहा भी कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत के बाद भी अमेरिकी सुरों में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने ताइवान को अमेरिकी सहयोग मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका अगले सप्ताह से बीजिंग में शुरू हो रहे शीतकालीन ओलिंपिक में व्यवधान डाल रहा है। इस मामले में वांग ने ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि शीतकालीन ओलिंपिक में कोई वरिष्ट अमेरिकी प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। 

Edited By: Krishna Bihari Singh