संयुक्‍त राष्‍ट्र, एएनआइ। ब्रिटेन ने गुरुवार को भारत को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद का स्‍थायी सदस्‍य बनने पर जोर दिया। ब्रिटिश हाई कमिश्‍नर डॉमिनिक एजक्विथ ने कहा, 'भारत को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद का स्‍थायी सदस्‍य होना चाहिए।'

इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्जेइ लावरोव ने भी राजधानी दिल्ली के दौरे के दौरान सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया था। लेकिन चीन की ओर से इसमें अड़ंगा डाला गया था। चीन की ओर से कहा गया कि विश्व निकाय में सुधार के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों में मतभेद हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन हैं। चीन को छोड़ बाकी के चारों सदस्‍य भारत को स्‍थायी सदस्‍य बनाने का समर्थन कर रहे हैं लेकिन चीन इसपर सहमत नहीं है। बता दें कि चीन के पास वीटो शक्ति है और यह वर्षों से आम सहमति नहीं होने का हवाला देकर टाल रहा है।

पिछले साल मई में फ्रांस ने भी संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्‍थायी सदस्‍यता की पैरवी की थी। फ्रांस के राजदूत फ्रांसुआ डेलातर ने कहा था कि भारत समेत जर्मनी, ब्राजील और जापान को स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए। उन्‍होंने फ्रांस की प्राथमिकता के तौर पर इन देशों को सदस्यता दिलाने की बात कही थी। उन्‍होंने कहा कि इस पद के लिए मजबूत दावेदार भारत है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) संयुक्त राष्ट्र का महत्त्वपूर्ण अंग है  जो अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिये उत्तरदायी है।  पिछले कई वर्षों से सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करते हुए भारत अपनी स्थायी सदस्यता के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

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Posted By: Monika Minal

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