नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को सऊदी अरब से तगड़ा झटका लगा है। एक पाकिस्तानी मैगजीन फ्राइडे टाइम्स का दावा है कि पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के बाद इमरान खान सऊदी अरब के जिस विमान से अमेरिका से लौट रहे थे उसे खाली करा लिया गया था। मैगजीन के मुताबिक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान के कूटनीतिक तौर-तरीकों से नाराज थे। पहले बताया गया था कि तकनीकी खराबी के कारण विमान वापस लौटा था, लेकिन पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार नजम सेठी ने अपने एक लेख में दावा किया है कि सऊदी अरब के प्रिंस ने इमरान के भाषण से नाराज होकर अपना विमान खाली करा लिया था।

इमरान अमेरिका की यात्रा के पहले सऊदी अरब गए थे। वहां सऊदी प्रिंस ने अपना विशेष विमान पाकिस्तानी पीएम को मुहैया कराया था। बाद में उन्हें इसी विमान के जरिये न्यूयार्क जाने का मौका मिला। संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद इमरान इसी विमान से पाकिस्तान लौट रहे थे, पर इसे बीच रास्ते से वापस ले जाना पड़ा था। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है और इसे मनगढ़ंत करार दिया है। 

इमरान खान की कूटनीति से नाराज थे सऊदी प्रिंस 

फ्राइडे टाइम्स में प्रकाशित लेख के मुताबिक इमरान ने जिस तरह की कूटनीति का परिचय दिया वह सऊदी अरब को रास नहीं आई। मैगजीन के मुताबिक इस यात्रा के कुछ अनचाहे नतीजे रहे। सऊदी प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान इमरान की कूटनीति के कुछ पहलुओं से नाखुश हो गए। सेठी का दावा है कि इस्लामिक समूह का नेतृत्व करने की पाक पीएम की कोशिशें सऊदी अरब को रास नहीं आईं। कश्मीर को लेकर इमरान खान ने तुर्की और मलेशिया को अपने साथ आगे करने की कोशिश की थी, जो सऊदी अरब को पसंद नहीं आई। सऊदी प्रिंस को पाकिस्तान की ओर से ईरान से संबंध मजबूत करने पर भी आपत्ति थी। सऊदी अरब और ईरान के बीच इस समय तनातनी काफी बढ़ी हुई है।

पूरी दुनिया ने नोटिस नहीं किया 

मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुछ लोग हैं जो हर हाल में इमरान के प्रशंसक बने रहना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि न्यूयार्क से लौटने पर उनका हीरो जैसा स्वागत किया गया। इनकी तरफ से एक सुझाव यह भी आया कि जिस विमान से इमरान इस्लामाबाद लौट रहे हैं उसे उनके प्रति सम्मान जताने के लिए एफ-17 थंडर विमानों के घेरे में लाया जाना चाहिए। इन समर्थकों को लगता है कि इमरान ने कश्मीर, इस्लामोफोबिया जैसे सभी खास मुद्दों पर धारदार तरीके से बात रखी।

उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जब आम सभा में इमरान बोल रहे थे तब हॉल आधा खाली पड़ा था और इमरान ने साफ तौर पर मान लिया था कि पाकिस्तान अलकायदा आतंकियों को प्रशिक्षित करता था। उन्हें इससे भी कोई अंतर नहीं पड़ता है कि भारत-पाकिस्तान संवाद की उम्मीद पहले से कहीं कम हो गई है और एक क्षेत्रीय मुद्दा इस्लामी पाकिस्तान और हिंदू भारत का मुद्दा बना दिया गया है।

Posted By: Arun Kumar Singh

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