जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव बनाने में भारत जोर शोर से लगा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के मित्र देश चीन की धरती से ही उसे बहुत कुछ समझाने की कोशिश की है। एक तरफ भारत लगातार दूसरे देशों के राजनयिकों के संपर्क में है और अपनी बात उनके सामने रख रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका, श्रीलंका, रूस जैसे प्रमुख देशों ने पाकिस्तान को साफ तौर पर कहा है कि वह आतंकी संगठनों को बढ़ावा देना बंद करे। इन देशों ने भारत व पाकिस्तान को संयम बरतने का भी आग्रह किया है। पड़ोसी देशों में बढ़ते तनाव को देखते हुए यूरोपीय संघ ने भी गहरी चिंता जताई है और कहा है कि इसके खतरनाक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।

विदेश मंत्री स्वराज ने रूस, भारत, चीन के विदेश मंत्रियों की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए पुलवामा हमले के दोषी पाक समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की कारगुजारियों का सीधा उल्लेख किया और यह भी कहा कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से उस आतंकी संगठन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की वजह से ही भारत ने जैश के ठिकाने पर बालोकोट में कार्रवाई की।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस ठिकाने का चयन भारत ने इस तरह से किया ताकि नागरिकों या सैन्य ठिकानों को नुकसान नहीं पहुंचे। भारत ने आतंकी संगठन के संभावित हमले की आशंका को देखते हुए यह हमला किया। स्वराज ने यह भी कहा कि भारत इस मामले को और ज्यादा बिगाड़ने को इच्छुक नहीं है। आगे हम संयम व नियंत्रण से काम करेंगे।

उधर, यूरोपीय संघ की तरफ से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलवामा में आतंकी हमले और नियंत्रण रेखा पर बढ़ रहे तनाव के खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। संघ ने भारत व पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह संयम दिखाये और हालात को और बिगड़ने न दें। भारत व पाक से जल्द से जल्द राजनयिक स्तर पर बातचीत शुरु करने का आग्रह किया गया है। दक्षिण एशिया के एक अन्य देश श्रीलंका ने कहा है कि वह पुलवामा हमले की निंदा करते है और आतंकवाद को समाप्त करने के लिए उठाये गये कदमों का समर्थन करता है। श्रीलंका ने दोनो देशों में तनाव को दूर करने का आग्रह किया। उधर, भारतीय राजनयिक लगातार विदेशों के राजनयिकों से मिल कर भारतीय पक्ष को रखने का सिलसिला जारी रखे हुए हैं।

पूरी दुनिया ने पाकिस्तान की आलोचना की है जबकि भारत को इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय जगत के सभी बड़े देशों का साथ मिला है। दोनों देशों की सीमा पर बढ़ते हुए तनाव को देखकर दुनिया भर के देशों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

सबसे पहले अमेरिका ने भारत के इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा है कि वो अपने देेश में आतंकियों पर उचित कार्रवाई करने को कहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान से सख्ती से कहा है कि अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ 'सार्थक कार्रवाई' करे। इसके अलावा, उसने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने और किसी भी कीमत पर तनाव बढ़ाने से बचने की सलाह दी है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा सैन्य कार्रवाई से बचे पाक
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से फोन करके कहा कि वह सैन्य कार्रवाई से बचें। इसके अलावा, पोंपियो ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी फोन किया और उनसे कहा कि अमेरिका और भारत करीबी सुरक्षा साझीदार हैं। अमेरिका और भारत के क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के साझा लक्ष्य हैं। पोंपियो ने अपने बयान में कहा कि 26 फरवरी को भारत के आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद मैंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बातचीत की है। मैंने दोनों देशों के विदेश मंत्री से अलग-अलग बात करके कहा कि दोनों देश संयम बरतें। मैंने दोनों देशों से सीधे बीतचीत को वरीयता देने को कहा। साथ ही आगे और सैन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोका है।

भारत के साथ रिपब्लिकन सांसद
प्रभावशाली अमेरिकी सांसद रिक पैरी ने अमेरिकी की प्रतिनिधि सभा में भारत में जैश के आतंकी हमले में शहीद हुए 40 जवानों के लिए शोक व्यक्त किया है। रिपब्लिकन सांसद पैरी ने आह्वान किया कि ऐसे संगीन आतंकी हमले में शामिल पाकिस्तान समेत किसी भी देश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। भारत ने कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान को अलग-थलग करने और पाकिस्तान से एमएफएन देश का दर्जा छीनने का ऐलान किया है, जो उचित कदम है। इस कठिन समय में हम भारत के साथ हैं।

चीन ने कहा संयम बरते भारत और पाक
भारत को  चीन ने बुधवार को दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। बीजिंग ने दोनों पड़ोसी देशों से क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने के लिए बातचीत करने को कहा है। चीन के प्रवक्ता ने कहा, 'चीन का रुख स्पष्ट है। हम आशा करते हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों संयम बरतेंगे, और बातचीत की दिशा में कदम उठाएंगे। दोनों देश दक्षिण एशिया में स्थायी शांति एवं स्थितरता का प्रयास करेंगे।' चीन ने मंगलवार को भी भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने को कहा था।

भारत-पाक तनाव पर श्रीलंका ने जताई चिंता
पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव पर श्रीलंका ने चिंता जताई है। कोलंबो ने दोनों पड़ोसी देशों से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने को कहा है।श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले का स्पष्ट रूप से निंदा करता है। वह आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा है। श्रीलंका विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है, 'श्रीलंका दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शांति, स्थिरता का मजबूती से समर्थन करता है। सभी प्रकार के तनाव और द्विपक्षीय विवाद का बातचीत के जरिये समाधान निकालने और आपसी विश्वास बहाली का पक्षधर है।'

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