स्वागत हैं आपका जागरण के स्पेशल पॉडकास्ट में। "श्री कृष्णा की अनदेखी दुनिआ" 4 दिनों की सीरीज़ है। तीसरे दिन बात होगी "श्री कृष्णा की अनदेखी दुनिआ" में "निधिवन" की। कहते है आज भी आते हैं राधा कृष्ण "निधिवन" में । निधिवन का रहस्य पांच हज़ार साल पुराना है। निधिवन की दुनिया की सबसे रहसयमयी जगहों में से एक माना गया हैं। "निधिवन" के अंदर एक रंग महल भी है कहा जाता है की निधिवन में भगवान श्रीकृष्ण की मौजूदगी के निशान मिलते हैं । भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला आज भी होती है। यह पवित्र जगह मथुरा का निधिवन है।
पौराणिक मान्यता है कि निधिवन बंद होने के बाद भी यदि कोई छिपकर रासलीला देखने की कोशिश करता है तो वह पागल हो जाता है। दावा ये भी किया जाता है कि वहां मौजूद पशु-पक्षी और यहां तक कि चींटी भी शाम होते ही, वन छोड़ देती हैं। शाम क समय यहां कोई नहीं जाता है। अगर आप मथुरा-वृंदावन जा रहे हैं तो निधिवन अवश्य जाएं।

" रंग महल"

धिवन में एक महल है, 'रंग महल'। इसकी छत के नीचे ही श्रीकृष्ण एवं गोपियों के लिए शाम को भोग रखा जाता है, जो सुबह होने पर दिखाई नहीं देता। ऐसे में कहा जाता है कि कान्हा निशानियां भी छोड़ जाते हैं। माना जाता है कि निधिवन में भगवान कृष्ण राधा और गोपियों संग रासलीला के बाद यहां स्थित रंग महल में विश्राम करते हैं। इसलिए शाम के समय रंगमहल में उनके लिए एक लोटा पानी, पान और खाने का सामान रखते हैं। सुबह के समय जब रंगमहल का ताला खुलता है तो सारा सामान इधर-उधर बिखरा दिखाता है ।

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Shri Krishna ep 3 : आज भी आते हैं राधा कृष्ण "निधिवन" में

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Krishna ki andelhi dunia: आज भी आते हैं राधा कृष्ण "निधिवन" में

स्वागत हैं आपका जागरण के स्पेशल पॉडकास्ट में। "श्री कृष्णा की अनदेखी दुनिआ" 4 दिनों की सीरीज़ है। तीसरे दिन बात होगी "श्री कृष्णा की अनदेखी दुनिआ" में "निधिवन" की। कहते है आज भी आते हैं राधा कृष्ण "निधिवन" में । निधिवन का रहस्य पांच हज़ार साल पुराना है। निधिवन की दुनिया की सबसे रहसयमयी जगहों में से एक माना गया हैं। "निधिवन" के अंदर एक रंग महल भी है कहा जाता है की निधिवन में भगवान श्रीकृष्ण की मौजूदगी के निशान मिलते हैं । भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला आज भी होती है। यह पवित्र जगह मथुरा का निधिवन है।
पौराणिक मान्यता है कि निधिवन बंद होने के बाद भी यदि कोई छिपकर रासलीला देखने की कोशिश करता है तो वह पागल हो जाता है। दावा ये भी किया जाता है कि वहां मौजूद पशु-पक्षी और यहां तक कि चींटी भी शाम होते ही, वन छोड़ देती हैं। शाम क समय यहां कोई नहीं जाता है। अगर आप मथुरा-वृंदावन जा रहे हैं तो निधिवन अवश्य जाएं।

" रंग महल"

धिवन में एक महल है, 'रंग महल'। इसकी छत के नीचे ही श्रीकृष्ण एवं गोपियों के लिए शाम को भोग रखा जाता है, जो सुबह होने पर दिखाई नहीं देता। ऐसे में कहा जाता है कि कान्हा निशानियां भी छोड़ जाते हैं। माना जाता है कि निधिवन में भगवान कृष्ण राधा और गोपियों संग रासलीला के बाद यहां स्थित रंग महल में विश्राम करते हैं। इसलिए शाम के समय रंगमहल में उनके लिए एक लोटा पानी, पान और खाने का सामान रखते हैं। सुबह के समय जब रंगमहल का ताला खुलता है तो सारा सामान इधर-उधर बिखरा दिखाता है ।

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