"राधा कुंड और ‘याम कुंड"


राधा कुंड और ‘याम कुंड नामक दो जलाशय हैं। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने वृषाभासुर (बैल रूपी दानव) को मारा था। ऐसा करना पाप माना जाता था, इसलिए इस पाप से मुक्त होने के उपाय के रूप में राधा रानी और उनकी सखी गोपियों ने भगवान कृष्ण से किसी पवित्र जलाशय में डुबकी लगाने को कहा। भगवान कृष्ण ने अपनी एड़ी से जमीन पर प्रहार किया और एक कुंड बन गया। उन्होंने इसी कुंड में डुबकी लगाई। तभी से इस कुंड को ‘याम कुंड के नाम से जाना जाने लगा। ऐसा कहा जाता है कि राधा रानी और उसकी सहेलियों ने अपनी चूड़ियों से एक और कुंड खोदा था, जिसे राधा कुंड के नाम से जाना जाता है।

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Shri Krishna ep 2 : श्रीकृष्ण गायों को चराने जाते थे "रमणरेती"

Shri Krishna ep 2 : श्रीकृष्ण गायों को चराने जाते थे "रमणरेती"

Krishna ki andelhi dunia:  श्रीकृष्ण गायों को चराने जाते थे रमणरेती

 

स्वागत हैं आपका जागरण के स्पेशल पॉडकास्ट में। "श्री कृष्णा की अनदेखी दुनिआ" 4 दिनों की सीरीज़ है। दूसरे दिन "श्री कृष्णा की अनदेखी दुनिआ" में हम आपको लेकर चलेंगे "रमणरेती"। श्रीकृष्ण गायों को चराने जाते थे "रमणरेती" तो यहाँ के बारे में जानेगे। गोकुल से 2-3 किमी की दूरी पर स्थित रमणरेती का श्रद्धालुओं के बीच बड़ा ही महत्व है। हर तरफ मंदिर परिसर में रेत ही रेत है। जो भी भक्त यहां आता है वो इस रेत में बिना लोटे और खेले नहीं जाता है। और तो और कुछ लोग इस रेत को अपने साथ घर ले जाते हैं। ऐसी मान्यता है की द्वापर युग में जब श्रीकृष्ण बालरूप में थे, तब यशोदा माता उनको गायों को चराने हेतु वन में भेजती थीं। वो वन ही आज रमणरेती का स्थान है। 

"राधा कुंड और ‘याम कुंड"


राधा कुंड और ‘याम कुंड नामक दो जलाशय हैं। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने वृषाभासुर (बैल रूपी दानव) को मारा था। ऐसा करना पाप माना जाता था, इसलिए इस पाप से मुक्त होने के उपाय के रूप में राधा रानी और उनकी सखी गोपियों ने भगवान कृष्ण से किसी पवित्र जलाशय में डुबकी लगाने को कहा। भगवान कृष्ण ने अपनी एड़ी से जमीन पर प्रहार किया और एक कुंड बन गया। उन्होंने इसी कुंड में डुबकी लगाई। तभी से इस कुंड को ‘याम कुंड के नाम से जाना जाने लगा। ऐसा कहा जाता है कि राधा रानी और उसकी सहेलियों ने अपनी चूड़ियों से एक और कुंड खोदा था, जिसे राधा कुंड के नाम से जाना जाता है।

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