बेंगलूर। भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने मंगलवार को कहा कि उसने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी [एनसीए] के अध्यक्ष पद से इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि वह सिर्फ नाम के अध्यक्ष नहीं रहना चाहते थे जबकि समिति के बाकी सदस्य उनकी योजनाओं का समर्थन नहीं कर रहे थे।

हितों के टकराव को लेकर पैदा हुए विवाद के दो महीने बाद कुंबले ने कल अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बीसीसीआई की कार्यसमिति ने सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में इस्तीफा स्वीकार कर लिया। कुंबले ने यहां पत्रकारों से कहा, मेरे पास एक योजना थी लेकिन समिति के बाकी सदस्यों ने मेरा समर्थन नहीं किया। मैं नाम का अध्यक्ष नहीं रहना चाहता था। यह पूछने पर कि बाकी सदस्यों ने उसका साथ क्यों नहीं दिया, कुंबले ने कहा, मुझे नहीं पता लेकिन मैं साथ मिलकर काम करना चाहता था। पंजाब क्रिकेट संघ [पीसीए] के महासचिव एम पी पांडोव को एनसीए का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। कुंबले ने कल से कहा, मेरे पास तीन साल की योजना था। मैंने अध्यक्ष पद पर रहते हुए 10 बार प्रेजेंटेशन दिया। यह सोचकर कि मेरा प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। रविवार को भी चेन्नई में एनसीए की बैठक में इस पर बात की लेकिन समिति के बाकी सदस्य राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि जब मेरी बात ही नहीं सुनी जा रही तो अध्यक्ष पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है। मेरे पास कोई और चारा नहीं रह गया था।

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