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PICS: उत्‍तराखंड के इस गांव में घुसा तेंदुआ, अटकी रही ग्रामीणों की सांसें

6 photos    |  Published Mon, 09 Apr 2018 09:53 PM (IST)
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PICS: उत्‍तराखंड के इस गांव में घुसा तेंदुआ, अटकी रही ग्रामीणों की सांसें

उत्‍तराखंड के उत्‍तरकाशी जिले के मुखेम रेंज का न्यू गांव सोमवार को गुलदार (तेंदुआ) का गलियारा बना रहा। दिन भर गुलदार ने गांव में उत्पात मचाया। यहां तक कि दहशत में आए ग्रामीणों को अपने घर से सुरक्षित स्थानों पर भागने को विवश कर दिया। गुलदार कभी किसी घर के आंगन में तो कभी किसी के घर की छत में उछल-कूद मचाता रहा। पूरे दिन गुलदार के गांव में घुसने से ग्रामीण भोजन नहीं कर पाए, डर के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। बस शुक्र ये रहा कि गुलदार के इतने तांडव के बाद गांव में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि गुलदार अस्वस्थ अवस्था में है। हो सकता है गुलदार ने कुछ नशीली चीज खा दी होगी। गुलदार को देर शाम करीब छह बजे ट्रेंकुलाइज किया गया।

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PICS: उत्‍तराखंड के इस गांव में घुसा तेंदुआ, अटकी रही ग्रामीणों की सांसें

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 56 किमी दूर डुंडा ब्लॉक के गाजणा पट्टी के न्यू गांव में सोमवार सुबह गुलदार ही गुलदार ने दस्तक दे दी थी। सोमवार की सुबह छह बजे गांव के गुलाब सिंह उठकर आंगन में आए। उसी दौरान आंगन के निकट एक खेत से दूसरे खेत में गुलदार ने कूद मारी तथा वहीं पर लेट गया। गुलाब सिंह ने हल्ला करना शुरू किया तथा आसपास के लोगों को भी जगाया। करीब सात बजे गुलदार खेत से उठकर गुलाब सिंह के आंगन में पहुंचा तथा वहीं लेट गया। गुलदार के आतंक से पूरे गांव में दहशत फैल गई। कुछ ग्रामीण अपने घरों में कैद हुए तो कुछ ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर गए।

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PICS: उत्‍तराखंड के इस गांव में घुसा तेंदुआ, अटकी रही ग्रामीणों की सांसें

करीब आठ बजे गुलदार गुलाब सिंह के घर से कूदकर कौशल राणा की छत पर पहुंचा। कुछ देर वहां रहने के बाद गुलदार उनके आंगन से होते हुए करीब साढ़े नौ बजे मंगलानंद थपलियाल के घर के पास पहुंचा। वहां एक कमरे का दरवाजा खुला होने पर गुलदार कुछ देर कमरे के अंदर लेटा रहा। फिर कमरे से बाहर आया कुछ देर तक गुलदार ने उनके आंगन के चक्कर लगाए। आंगन में एक प्लास्टिक की कुर्सी थी, जिसे गुलदार ने तोड़ डाला तथा दहाड़ने लगा। इस दौरान ग्रामीणों ने पशुओं को भी गोशाला के अंदर ही कैद करके रखा।

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PICS: उत्‍तराखंड के इस गांव में घुसा तेंदुआ, अटकी रही ग्रामीणों की सांसें

करीब साढ़े दस बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के पास भी उस समय न पिंजरा था और न ट्रेंकुलाइज गन। वन विभाग की टीम के आने से भयभीत ग्रामीणों का कुछ हौसला बढ़ा तथा गुलदार को भगाने के लिए शोर करने लगे। इस दौरान गुलदार काफी देर तक एक घर के पीछे की गली में लेटा रहा। करीब 12 बजे गुलदार नागचंद और भूरा सिंह के मकान की छत पर गया। गुलदार ने वहां लगी दो डीटीएच की छतरी तोड़ डाली। फिर नागचंद के घर से दहाड़ते हुए विजेंद्र सिंह चौहान के आंगन में पहुंचा। वहां समती देवी पत्नी रामचंद ने भागकर किसी तरह से जान बचाई।

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विजेंद्र सिंह के आंगन से शाम करीब चार बजे गुलदार खेतों की ओर भागा तथा एक गेहूं के खेत में लेट गया। शाम पांच बजे गांव में नई टिहरी से ट्रेंकुलाइज करने वाली टीम पहुंची।

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PICS: उत्‍तराखंड के इस गांव में घुसा तेंदुआ, अटकी रही ग्रामीणों की सांसें

रेंज अधिकारी ओपी मदवाल ने बताया कि गुलदार को शाम साढ़े छह बजे के करीब गुलदार को ट्रैंकुलाइज कर काबू किया गया। गुलदार को पिंजरे में रख कर पशु चिकित्सालय लाया गया है, जहां उपचार देने के बाद गुलदार को जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

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