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शनिदेव की इन 9 सवारियों का क्या है मतलब, तस्वीरों के माध्यम से जानें...

संजय पोखरियाल   |  Publish Date:Sat, 11 Nov 2017 02:47 PM (IST)
शनिदेव की इन 9 सवारियों का क्या है मतलब, तस्वीरों के माध्यम से जानें...
शनिदेव की इन 9 सवारियों का क्या है मतलब, तस्वीरों के माध्यम से जानें...

शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिदेव की पूजा तो करनी ही होती है। शनिदेव चाहे शिला रूप में हों या मूर्ति रूप में, कलयुग के देवता हर रूप में भक्तों को वरदान देते हैं। कहते हैं कि शनिदेव एकमात्र ऐसे देव हैं जिनके 9 वाहन हैं और इन 9 वाहनों में विराजित शनिदेव की पूजा करने से अलग-अलग फल मिलता है। इसलिए अपनी इच्छापूर्ति के लिए जरूरी है कि उनके सही रूप को जानना और फिर उसकी आराधना करना। शास्त्रों में बताया गया है कि शनिदेव से इच्छाओं की पूर्ति के लिए शनिदेव का वरदान पाना जरूरी है। विशेष वाहन पर सवार शनिदेव की पूजा करके आप अपनी मनोकामना को सच कर सकते हैं। वैसे तो शनिदेव का सबसे प्रमुख वाहन गिद्ध है। जो कि भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ का छोटा भाई है। लेकिन इसके अलावा घोड़ा, गधा, कुत्ता, शेर, सियार, हाथी, हिरण और मोर को भी उनका वाहन बताया गया है।

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शनिदेव की सवारी सिंह

यदि शनि की सवारी सिंह हो तो जातक को शुभ फल मिलता है। इस समय जातक को समझदारी और चतुराई से काम लेना चाहिए इससे शत्रु पक्ष को परास्त करने में मदद मिलती है। इस अवधि में जातक को अपने विरोधियों से घबराने या ड़रने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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शनिदेव की सवारी कौआ

यदि शनि की सवारी कौआ हो तो जातक को इस अवधि में कलह में बढ़ोतरी होती है। परिवार या दफ्तर में किसी मुद्दे को लेकर कलह या टकरावों की स्थिति से बचना चाहिए। इस समय जातक को शांति, संयम और मसले को बातचीत से हल करने का प्रयास करना चाहिए।

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शनिदेव की सवारी मोर

शनि की सवारी मोर हो तो जातक को शुभ फल देता है। इस समय जातक को अपनी मेहनत के साथ-साथ भाग्य का साथ भी मिलता है। इस दौरान जातक को समझदारी से काम करने पर बड़ी-बड़ी परेशानी से भी पार पाया जा सकता है। इसमें मेहनत से आर्थिक स्थिति को भी सुधारा जा सकता है।

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शनिदेव की सवारी सियार

यदि शनि की सवारी सियार हो तो जातक को शुभ फल नहीं मिलते है। इस दौरान जातक को अशुभ सूचनाएं अधिक मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इस स्थिति में जातक को बहुत ही हिम्मत से काम लेना होता है।

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शनिदेव की सवारी गधा

जब शनिदेव की सवारी गधा होता है तो यह शुभ नहीं माना जाता है। तब जातक को शुभ फलों को मिलने में कमी होती है। जातक को इस स्थिति में कायों में सफलता प्राप्त करने में लिए काफी प्रयास करना होता है। यहां जातक को अपने कर्तव्य का पालन करना हितकर होता हैं।

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शनिदेव की सवारी भैसा

यदि शनिदेव का वाहन भैसा हो तो जातक को मिला जुला फल प्राप्ति की उम्मीद होती है। इस स्थिति में जातक को समझदारी और होशियारी से काम करना ज्यादा बेहतर होता है. यदि जातक सावधानी से काम न ले तो कटु फलों में वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाती है।

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शनिदेव की सवारी हंस

यदि शनि की सवारी हंस हो तो जातक के लिए बहुत शुभ होता है। इस सायम जातक अपनी बुद्धि औए मेहनत करके भाग्य का पूरा सहयोग ले सकता है। यह अवधि में जातक की आर्थिक में सुधार देखने को मिलता है। हंस को शनि के सभी वाहनों में सबसे अच्छा वाहन कहा गया है।

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शनिदेव की सवारी हाथी

यदि जातक के लिए शनि का वाहन हाथी हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। यह जातक को आशा के विपरीत फल देता है। इस स्थिति में जातक को सहसा और हिम्मत से काम लेना चाहिए। विपरीत स्थिति में घबराना बिलकुल नहीं चाहिए।

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