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गला सूखने की समस्या को न करें इग्नोर, जो करती है इशारा इन बीमारियों की ओर

5 photos    |  Published Fri, 11 Jun 2021 02:54 PM (IST)
1/ 5टॉन्सिलाइटिस
टॉन्सिलाइटिस

गले में पीछे की ओर टॉन्सिल नामक दो ग्लैंड्स होती हैं, जो कई प्रकार के संक्रमण से बचाव का काम करती हैं, लेकिन जब इनमें ही संक्रमण हो जाता है तो उसे टॉन्सिलाइटिस कहा जाता है। इस ग्लैंड में कई बार फंगल इन्फेक्शन हो जाता है। इसमें गला सूखने के साथ-साथ निगलने में तकलीफ, गले में दर्द के साथ बलगम, कान में दर्द और बुखार जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।

2/ 5डायबिटीज़
डायबिटीज़

यह आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी ऐसी गंभीर समस्या है, जिससे देश की आबादी का बड़ा हिस्सा जूझ रहा है। इसकी वजह से किडनी की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी आ जाती है, नतीजतन डायबिटीज़ के मरीज़ों को बार-बार टॉयलेट जाने की ज़रूरत महसूस होती है। जिससे उनके शरीर में पानी की कमी हो जाती है और बार-बार गला भी सूखता है।

3/ 5हाइपोथायरॉडिज़्म
हाइपोथायरॉडिज़्म

जब गले में स्थित थायरॉयड ग्लैंड सही ढंग से काम नहीं करता तो इससे भी त्वचा में रूखापन, वज़न बढऩा, उदासी और गले में खुश्की जैसी समस्याएं परेशान करती हैं। ऐसी शारीरिक दशा को हाइपोथायरॉडिज़्म कहा जाता है।

4/ 5ब्लडप्रेशर
ब्लडप्रेशर

घबराहट या अत्यधिक तनाव की वजह से कभी-कभी ब्लडप्रेशर का लेवल अचानक घटने या बढऩे लगता है। ऐसी स्थिति में बार-बार गला सूखने की समस्या होती है। यदि ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर से ज़्यादा नीचे या ऊपर चला जाए तो शरीर में ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने लगती है। इससे भी बार-बार प्यास लगती है। इस स्थिति में चक्कर आना, बेहोशी छाना और हाथ-पैर ठंडे पड़ जाना जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं।

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