जमीन पर नहीं, पानी पर तैरता है भारत का ये नेशनल पार्क! बहुत खूबसूरत है दुनिया के इकलौता 'फ्लोटिंग नेशनल पार्क'
मणिपुर में बसा ये नेशनल पार्क पानी पर तैरता है। इसका नाम केबुल लामजाओ नेशनल पार्क है।
1/5दुनिया का इकलौता फ्लोटिंग नेशनल पार्क
भारत का पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ एक और वजह से दुनियाभर में मशहूर है। यहां दुनिया का इकलौता फ्लोटिंग नेशनल पार्क केबुल लामजाओ (Keibul Lamjao National Park) भी मौजूद है।
2/5लोकतक झील में बसा नेशनल पार्क
जी हां, ये नेशनल पार्क पानी पर तैरता है, जिसके कारण ये नेशनल पार्क अक्सर चर्चा में रहता है। ये नेशनल पार्क लोकतक झील में बसा है और लगभग 40 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। आइए जानें ये नेशनल पार्क पानी पर कैसे तैरता है और यहां किन-किन वन्यजीवों को देख सकते हैं।
3/5पानी पर तैरता नेशनल पार्क
दरअसल, इस नेशनल पार्क के पानी पर तैरते रहने के पीछे प्रकृति का अनोखा करिश्मा छिपा है। लोकतक झील में फुमडी हैं, जो पेड़-पौधे, घास, मिट्टी और दूसरे ऑर्गेनिक पदार्थों के सड़ने से बने होते हैं और एक जगह इकट्ठा होते-होते द्वीप जैसी बनावट के हो जाते हैं। ये फुमड़ी काफी मजबूत होते हैं, लेकिन झील की तली से नहीं जुड़े होते। इसलिए इन्हें फ्लोटिंग आइलैंड कहा जाता है। केबुल लामजाओ नेशनल पार्क इन्हीं फुगडी पर बसा है, जिसके कारण उसे फ्लोटिंग नेशनल पार्क कहते हैं।
4/5संगाई हिरणों का प्राकृतिक आवास
केबुल लामजाओ नेशनल पार्क को 1977 में नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया था। ये नेशनल पार्क संगाई हिरणों का प्राकृतिक आवास है। संगाई हिरण हिरणों की एक प्रजाति है, जो मणिपुर के इस नेशनल पार्क में पाई जाती है। इन हिरणों के संरक्षण के लिए ये नेशनल पार्क बनाया गया था।
5/5और कौन-से वन्यजीव देख सकते हैं?
केबुल लामजाओ नेशनल पार्क में हॉग डियर, ऑटर्स, वॉटर फाउल और कई तरह के प्रवासी पक्षियों को भी देख सकते हैं। सर्दी के मौसम में यहां कई प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनसे इस नेशनल पार्क की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। ब्लैक काइट, शेड डक और साइबेरिया से आने वाले पक्षियों को यहां सर्दी के मौसम में देख सकते हैं।