नई दिल्ली, जेएनएन। विश्व महिला चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार भारत की एमसी मैरीकॉम को सेमीफाइनल में हारकर बाहर होना पड़ा। मैरीकॉम को सेमीफाइनल में तुर्की की मुक्केबाज Busenaz Cakiroglu के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मैच का फैसला भारतीय मुक्केबाज के खिलाफ 1-4 रहा जिसपर सवाल उठ रहे हैं।

मैरीकॉम के विश्व चैंपियनशिप का सेमीफाइनल बाउट जैसे ही खत्म हुआ सबको फैसला का इंतजार था। 6 बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम इस बात को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त थी कि रैफरी उनके हक में फैसला देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पांचों रैफरी ने मैच का फैसला तुर्की के मुक्केबाज के पक्ष में सुनाया। पांच में से सिर्फ एक रैफरी ने बाउट में मैरीकॉम को विजेता माना। फैसला 1-4 से तुर्की की मुक्केबाज के पक्ष में दिया गया था लिहाजा मैरी के पदक जीतने का सपना टूट गया।

फैसला आने के बाद मैरीकॉम इससे काफी नाखुश नजर आई। उनके चेहरे पर इस फैसले को लेकर नाराजगी साफ नजर आ रही थी। 

मैच खत्म होने के बाद मैरीकॉम के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इसको लेकर सवाल भी उठाया गया। मैरी ने ट्वीट करते हुए रैफरी के फैसले के बारे में पूछा की "आखिर ऐसा कैसे और क्यों हुआ इस बात की जानकारी पूरी दुनिया को होनी चाहिए। उन्हें खुद ही देखना चाहिए यह फैसला कितना सही था और  कितना गलत"  

मैरीकॉम ने स्वीकार किया रैफरी का फैसला

मैच के दौरान रैफरी के फैसला पर नाराजगी जाहिर करने वाली मैरीकॉम ने बाद में इसे स्वीकार कर लिया। अपने सातवें गोल्ड मेडल की तलाश में इस चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में मिली हार के मैरी काफी निराश नजर आई। मैरी को कांस्य पदक के साथ संतोष करना पड़ेगा। 

8 विश्व चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली अकेली मुक्केबाज

मैरी ने सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ ही अपना आठवां विश्व चैंपियनशिप मेडल पक्का कर लिया था। पुरुष और महिला मुक्केबाज ने विश्व चैंपियनशिप में अब तक इतने मेडल नहीं जीते हैं। यह चैंपियनशिप का नया रिकॉर्ड है। 

Posted By: Viplove Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस