एशियाई खेलों का महाकुंभ आज से, भारतीय खिलाड़ी 37 स्पर्धाओं में पेश करेंगे चुनौती
जापान के आइची-नागोया शहर में शनिवार से एशियाई खेलों का महाकुंभ शुरू होगा। हांगझू में तीन साल पूर्व भारतीय खेलों ...और पढ़ें

एशियाई खेलों का महाकुंभ आज से, भारतीय खिलाड़ी 37 स्पर्धाओं में पेश करेंगे चुनौती
HighLights
भारतीय खिलाड़ी 37 स्पर्धाओं में पेश करेंगे चुनौती, जिसमें 267 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी
पदक जीते थे भारत ने पिछले हांगझू एशियाई खेलों में, पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था भारत
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। जापान के आइची-नागोया शहर में शनिवार से एशियाई खेलों का महाकुंभ शुरू होगा। हांगझू में तीन साल पूर्व भारतीय खेलों ने जिस ऊंचाई को छुआ था, अब उससे आगे बढ़ने की चुनौती है।
चीन में हुए एशियन गेम्स में 106 पदकों के रिकार्ड संग भारत ने साबित किया था कि उसकी ताकत चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रही है। अब आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों में 501 सदस्यीय भारतीय दल उस नए विश्वास को प्रदर्शन में बदलने उतरेगा।
अगले 15 दिन भारत के लिए सिर्फ पदकों की गिनती नहीं, बल्कि यह परखने का भी मौका होंगे कि 2036 तक दुनिया के शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों में शामिल होने के उसके सपने की दिशा सही है या नहीं।
करीब 11 हजार खिलाड़ी और 43 खेलों की भागीदारी वाला एशियन गेम्स कई मायनों में ओलंपिक से भी बड़ा आयोजन है। भारत के लिए चुनौती भी उतनी ही बड़ी है। हांगझू में मिले 106 पदक अब नया मानक हैं और नागोया में हर भारतीय खिलाड़ी से उसी विरासत को आगे बढ़ाने की उम्मीद होगी।
एथलेटिक्स और निशानेबाजी में सबसे ज्यादा उम्मीदें
भारत की पदक उम्मीदों का बड़ा हिस्सा एथलेटिक्स और निशानेबाजी से जुड़ा है। शूटिंग में 30 सदस्यीय दल के पास राइफल, पिस्टल और शाटगन में पदक जीतने के कई मौके हैं।
एथलेटिक्स में भारत को बड़ा झटका नीरज चोपड़ा के बाहर होने से लगा है। चोट के कारण दो बार के चैंपियन इस बार अपने तीसरे लगातार स्वर्ण पदक के लिए मैदान में नहीं होंगे। इसके बावजूद 74 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स दल में पदक के दावेदारों की कमी नहीं है।
