नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। पंजाब की धरती पर वैसे तो कई खिलाड़ी जन्मे हैं, जिन्होंने देश का नाम दुनियाभर में रोशन किया है, लेकिन 26 साल की सिमरनजीत कौर पंजाब की पहली ऐसी महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने ओलंपिक के लिए टिकट कटाया है। जल्द ही सिमरनजीत कौर आपको टोक्यो ओलंपिक के रिंग में नजर आएंगी और देश के लिए पदक लाने के लिए अपने विपक्षी खिलाड़ियों से दो-दो हाथ करती नजर आएंगी।

सिमरनजीत कौर को वूमेंस कैटगरी के 60 किग्रा भार वर्ग में बॉक्सिंग में दो-दो हाथ करते देखा जाएगा। पंजाब के चकर से ताल्लुक रखने वाली सिमरनजीत कौर के परिवार का नाता खेल से जरूर रहा है, लेकिन कोई बड़ा खिलाड़ी अभी तक उनके परिवार से नहीं निकला है। हालांकि, उनके भाई-बहन बॉक्सिंग जरूर करते हैं और राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके हैं, लेकिन सबसे आगे सिमरनजीत कौर हैं, जिनसे सभी को उम्मीद है।

2011 से सिमरनजीत कौर पेशेवर मुक्केबाजी में हैं, लेकिन अभी तक देश के लिए कोई बड़ा पदक उन्होंने नहीं जीता है। ऐसे में इस कलंक को धुलने का उनके पास मौका है। खुद दैनिक जागरण से की गई बातचीत में उन्होंने कहा था कि उन्होंने ओलंपिक के लिए खूब तैयारी की है और वे विपक्षी खिलाड़ियों की कमजोरी को तलाशते हुए खुद की कमजोरियों को भी दूर कर रही हैं। इसका परिणाम हमको ओलंपिक के रिंग में देखने को मिल सकता है।

सिमरनजीत कौर ने 2018 AIBA वुमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। 64 किलोग्राम भार वर्ग में सिमरनजीत कौर ने अहमेट कॉमेर्ट इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता है। 9 मार्च 2021 को सिमरनजीत कौर को टोक्यो ओलंपिक का टिकट मिला था, जब उन्होंने एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर्स टूर्नामेंट में जॉर्डन में फाइनल मुकाबला हारा था, लेकिन सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

Edited By: Vikash Gaur