नई दिल्ली, जेएनएन।  ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय एथलीट अभिनव बिंद्रा ने कहा कि 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से निशानेबाजी को बाहर करना भारत के लिए करारा झटका होगा, खासकर युवा निशानेबाजों के लिए।

बिंद्रा ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) के प्रमुख थामस बाक द्वारा भारत के ओलंपिक पदक विजेताओं के सम्मान समारोह के मौके से अलग बातचीत में कहा, ‘निशानेबाजी वैकल्पिक खेल है और बर्मिघम खेलों के आयोजकों का कहना है कि उनके पास इसके आयोजन के लिए सुविधाएं नहीं है। अगर ये खेल डरबन में होते तो वहां निशानेबाजी शामिल होती।’

मालूम हो कि पहले डरबन में ही 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स होने थे लेकिन आर्थिक अड़चनों के कारण उसने मेजबानी से इन्कार कर दिया था। इसके बाद खेलों की मेजबानी बर्मिघम को दी गई। भारत ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में निशानेबाजी में सात स्वर्ण समेत कुल 16 पदक जीते हैं।

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Posted By: Pradeep Sehgal