शंघाई। रेड बुल टीम के ऑस्ट्रेलियाई ड्राइवर डेनिएल रिकॉर्डो ने चाइनीज ग्रांप्रि फॉर्मूला वन का खिताब अपने नाम कर लिया, जो उनके करियर की छठी ग्रांप्रि जीत है। ऑस्ट्रेलियाई फॉर्मूला वन ड्राइवर ने रेस में छठे स्थान से शुरआत की थी और सेफ्टी कार के आने के बाद करियर में छठी बार ग्रांप्रि जीत ली। रिकार्डो ने जीत का जश्न अपने अंदाज में मनाया और अपने जूते में शैंपेन डालकर पी। उन्होंने कहा, मैं उबाऊ रेस नहीं जीतता। यहां काफी मजा आया।'

रिकार्डो ने शनिवार को इंजन में खराबी के बावजूद 8.8 सेकंड के अंतर से ही क्वालीफाइंग में जगह बनाई थी। उन्होंने अपनी टीम का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, '24 घंटे पहले तक मुझे लग रहा था कि मैं ग्रिड में सबसे पीछे था लेकिन आज मैं विजेता हूं। मेरी टीम ने जो काम किया है यह उसका फल है।' रेड बुल ड्राइवर ने 10 लैप के बाद जाकर ब़़ढत बनाई और मर्सिडीज के वेलेटेरी बोटास को दूसरे नंबर पर पीछे छोड़ा जबकि फेरारी के किमी राइकोनेन तीसरे नंबर पर रहे। चैंपियनशिप के लीडर सबेस्टियन वीटल पोल पोजीशन से शुरूकरने के बावजूद फाइनल रेस में आठवें नंबर पर रहे। उनकी मैक्स वेरस्टेपन के साथ टक्कर हुई। गत विश्व चैंपियन लुईस हैमिल्टन 5वें नंबर पर रहे जबकि हॉलैंड के वेरस्टेपन पेनाल्टी के बावजूद चौथे नंबर पर रहे।

हैमिल्टन ने नतीजे को त्रासदी बताया : लुईस हैमिल्टन ने चाइनीज ग्रांप्रि के नतीजे को अपनी टीम के लिए त्रासदी बताया और कहा कि मर्सिडीज के लिए तब तक एफवन चैंपियनशिप में कामयाबी को दोहरा पाना मुश्किल होगा, जब तक वह उनकी कार से जुड़ी दिक्कतों को हल नहीं करती। 5वें नंबर रहे हैमिल्टन एक समय रेस में ब़़ढत बनाकर चल रहे थे।

By Sanjay Savern