नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय महिला स्टार मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गुरुवार को इतिहास रच दिया। मैरीकॉम ने 51 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की मुक्केबाज इंग्रीट वेलेन्सिया को 5-0 से हराकर अपना एक मेडल पक्का किया। इस मेडल को जीतने के साथ ही मैरी ने विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक की संख्या आठ कर ली। ऐसा करने वाली मैरी दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं।

सेमीफाइनल में शनिवार को मैरीकॉम का मुकाबला तुर्की की बुसेनाज काकीरोग्लूकी से होगा। बुसेनाज यूरोपियन चैम्पियनशिप और यूरोपियन गेम्स की मौजूदा चैंपियन हैं। 

भारतीय महिला टीम की सबसे अनुभवी मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने विश्व चैंपियनशिप में गुरुवार को शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस में मैरी ने कोलंबिया की मुक्केबाज के खिलाफ बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही उन्होंने वो कारनामा कर दिखाया जो आजतक कोई महिला मुक्केबाज नहीं कर पाई थी। मैरी ने विश्व चैंपियनशिप में 8वां मेडल पक्का किया। 36 साल की मैरी ने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में 7 मेडल जीते थे और वह विश्व रिकॉर्ड के बराबर थीं।

मैरीकॉम ने रचा इतिहास

36 साल की मेरीकॉम के नाम विश्व चैंपियनशिप में अब आठ मेडल हो गए हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ उन्होंने अपना कांस्य पदक पक्का किया लेकिन पूरे भारत की नजर सातवें गोल्ड पर रहेगी।

महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में मैरीकॉम के नाम सबसे ज्यादा मेडल (6 स्वर्ण और एक रजत) जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है। आयरलैंड की मुक्केबाज केटी टेलर ने (5 स्वर्ण और 1 कांस्य) पदक जीता है।

सबसे सफल मुक्केबाजों मैरीकॉम

विश्व चैंपियनशिप में आठवां पदक पक्का करने के साथ ही दुनिया की सबसे सफल मुक्केबाज बन गई। पदक जीतने के लिहाज से मैरीकॉम ने पुरुष और महिला दोनों में सबसे सफल मुक्केबाज होने का गौरव हासिल किया। क्यूबा के पुरुष मुक्केबाज फेलिक्स सावोन के नाम सबसे ज्यादा सात पदक जीतने का रिकॉर्ड था। मैरीकॉम पिछली बार चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में हाकर कर पदक जीतने से चूक गई थी। 51 किलोवर्ग में यह उनका पहला पदक होगा।

Posted By: Viplove Kumar

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