नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Tokyo Olympics 2020 में रविवार यानी 25 जुलाई को देश को एकाध पदक की आस थी, लेकिन ये आस उस समय निराश बनकर भारतीय फैंस पर टूटी जब 10 मीटर एयर राइफल क्वालीफिशेन में महिलाओं के बाद पुरुष खिलाड़ियों ने भी अपने घुटने टेक दिए। जी हां, भारत के निशानेबाजों ने देश को निराश किया है। इन्हीं निशानेबाजों से देश को उम्मीद थी कि वे भारत को पदक दिला सकते हैं।

दरअसल, भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 6 बजे भारत को उस समय झटका लगा जब भारत की नंबर वन निशानेबाज मनुभाकर और यशस्विनी सिंह देसवाल 10 मीटर एयर राइफल में पदक की रेस से बाहर हो गईं। मनु भाकर 575 अंकों के साथ 12वें स्थान पर, जबकि यशस्विनी 574 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रही। इस तरह दोनों खिलाड़ी पदक की रेस से बाहर हो गए।

उधर, दोपहर से पहले भारत के लिए निशानेबाजी में एक और बुरी खबर आई, जब दीपक कुमार और दिव्यांश पंवार ने देशवासियों को निराश किया। ये दोनों खिलाड़ी भी 10 मीटर एयर राइफल्स मेंस क्वालीफिकेशन राउंड में फ्लॉप रहे और दोनों ही खिलाड़ी पदक की रेस से भी बाहर हो गए। दीपक कुमार 624.7 अंकों के साथ 26वें और दिव्यांश 622.8 अंकों के साथ 32वें स्थान पर रहे और टोक्यो ओलंपिक में निशानेबाजी में पदक दिलाने से काफी दूर रह गए।

इन चार खिलाड़ियों के पदक की रेस से बाहर होने के बाद भारत के लिए रविवार का दिन पदकों के लिहाज से समाप्त हो गया, क्योंकि आज सिर्फ निशानेबाजी में ही पदक का दांव भारतीय खिलाड़ियों को खेलना था, लेकिन सभी निशानेबाजों ने निराश किया और भारत तीन दिन में सिर्फ एक ही पदक अपने नाम कर सका है। मीराबाई चानू ने देश को एकमात्र पदक टोक्यो ओलंपिक 2020 में दिलाया है। उन्होंने रजत पदक वेटलिफ्टिंग में अपने नाम किया है।

Edited By: Vikash Gaur