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Asian Games 2026: मनु भाकर के साथ अब भी हैं जसपाल राणा, मेडल से चूकने के बाद भावुक निशानेबाज ने बयां की दिल की असली कहानी

Published: Wed, 23 Sep 2026 04:42 PM (IST)

आइची-नागोया एशियन गेम्स-2026 में पदक से चूकने के बाद दिग्गज निशानेबाज मनु भाकर अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा को याद कर भावुक हो गईं।

मनु भाकर कोच को याद कर हुईं भावुक

मनु भाकर कोच को याद कर हुईं भावुक

HighLights

  1. मनु भाकर एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने से चूकीं

  2. दिवंगत कोच जसपाल राणा को याद कर भावुक हुईं निशानेबाज

  3. राणा की सीख और मार्गदर्शन आज भी उनके साथ है

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत की दिग्गज निशानेबाज और दो ओलंपिक मेडल विजेता मु भाकर बुधवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स-2026 में मेडल नहीं जीत पाईं। मनु जिस तरह की निशानची हैं उससे वह मेडल की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन इन बार वह 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में वह पदक से चूक गईं। मनु हार को पचा रही थीं, लेकिन तभी उनके सामने जसपाल राणा का जिक्र आ गया और फिर वह भावुक हो गईं।

जसपाल राणा मनु सहित भारत के कई निशानेबाजों के कोच थे। बीते जून में उनका निधन हो गया था। उनके जाने के बाद मनु पहली बार किसी मल्टीस्पोर्ट इवेंट में उतर रही हैं। मनु की सफलता में राणा का बहुत अहम रोल रहा है। उनसे मिली सलाह और मार्गदर्शन में मनु ने अपने खेल को लगातार निखारा था और कई असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए पेरिस ओलंपिक-2024 में दो मेडल जीते थे।

वो पल साथ रह जाते हैं

मेडल से चूकने के बाद जब मनु से जसपाल राणा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे पल होते हैं जो हमेशा आपके साथ रह जाते हैं। मनु ने कहा, "अगर मैं उन सालों को याद करूं तो, ऐसा नहीं है कि ये आप उनको एक या दो बार याद करते हैं। ये आपके साथ रह जाते हैं। जब इंसान आपके जीवन का अहम हिस्सा होता है तो ये पल आपके साथ हमेशा के लिए रह जाते हैं।"

मनु ने कहा कि राणा का फोकस हमेशा प्रोसेस पर रहता था और उनकी भी कोशिश है कि वह अपनी प्रोसेस पर ही ध्यान दें। उन्होंने कहा, "वह हमेशा प्रोसेस को लेकर काफी सख्त रहते थे कि आपको करना ही पड़ता था। जीवन में कभी भी, किसी भी दिन अगर आपको निशाना लगाना है तो आपको अपना बेस्ट देना होगा और प्रोसेस को फॉलो करना होगा।"

हुई थी परेशानी

मनु आज के मुकाबले में भी मेडल की दावेदार के तौर पर उतरी थीं, लेकिन आठवें शॉट पर 8.9 का स्कोर उनको मेडल की रेस से बाहर कर गया। इसे लेकर मनु ने कहा, "चाहे कोई भी इससे इनकार करे, लेकिन इससे मौका चला गया।"

मनु ने बताया कि उन्हें इस दौरान काफी परेशानी उठानी पड़ी और ट्रेनिंग में उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "मुझे कल कुछ परेशानियां हुई थीं। मेरी ट्रेनिंग सही नहीं रही थी। काफी सारी दिक्कतें हुईं। मेरी प्रोसेस पहली चीज थी जो मैं क्वालिफायर और फाइनल दोनों में फॉलो करने में सफल रही। अधिकतर शॉट्स उसी तरह से लगे जैसे मैंने प्लान किए थे, लेकिन कुछ शॉट्स सही नहीं थे।"

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