पोर्तिमाओ, एपी। ब्रिटिश ड्राइवर लुइस हैमिल्टन ने पुर्तगाल ग्रांपि जीतकर रविवार को फॉर्मूला-1 (एफ-वन) में नया इतिहास रच दिया। यह उनके करियर की 92वीं जीत है और वह सर्वाधिक जीत के मामले में जर्मनी के महान ड्राइवर माइकल शूमाकर से आगे निकल गए हैं।हैमिल्टन मर्सिडीज के अपने साथी ड्राइवर वालटेरी बोटास से 25.6 सेकेंड आगे रहे। रेडबुल के मैक्स वर्सटाप्पेन तीसरे स्थान पर रहे।

हैमिल्टन ने सबसे तेज लैप निकालकर अतिरिक्त अंक भी बनाया और अब चैंपियनशिप तालिका में बोटास पर उनकी बढ़त 77 अंक की हो गई है। हैमिल्टन ने पहली एफवन रेस 2007 में जीती थी और पहला खिताब 2008 में अपने नाम किया। वह 2013 में मर्सिडीज से जुड़े और वहीं से उनका करियर परवान चढ़ा। वह पांच एफ-वन खिताब जीत चुके हैं और शूमाकर के नाम सात जीत है। 

एफ-1 रेस के लिए पहली बार इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक पर बोटास और वर्सटाप्पेन से आगे हैमिल्टन ने करियर में रिकॉर्ड 97 वीं बार पोल पोजिशन से रेस की शुरुआत की। मैकलेरन के कार्लोस सैंज जूनियर  कुछ समय तक रेस में आगे रहे और फिर बोटास आगे निकल गए। हैमिल्टन ने उन्हें 20वें लैप में पीछे छोड़ दिया।

हैमिल्टन ने 2007 में मैकलेरन के साथ अपने डेब्यू के बाद से हर सीजन में कम से कम एक रेस जीती है। 2014 में V6 टर्बो हाइब्रिड युग की शुरुआत के बाद से  साल में जीत का औसत 10 रहा है। उन्होंने पहली जीत 10 जून, 2007 को  कनाडा में मॉन्ट्रियल के सर्किट गिलेस विलेन्यूवे में दर्ज की। 35 साल का रेसर यहां काफी सफल रहा है। उन्होंने यहां सात जीत दर्ज की है। साल 2009 में हंगरी में उन्होंने 10 जीत दर्ज की। शूमाकर एकमात्र ऐसे ड्राइवर हैं, जिन्होंने आठ बार एक ही ग्रैंड प्रिक्स जीता है। उन्होंने ऐसा 1994 से 2006 के बीच किया है। हैमिल्टन ने साल 2012 में मोंजा में 20 वीं और 2014 में जापान में 30 वीं जीत दर्ज की।

 
 

 

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