मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली, प्रेट्र। उभरते हुए भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने जकार्ता में एशियन जूनियर चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 साल बाद देश को पुरुष सिंगल्स में स्वर्ण पदक दिलाया। लक्ष्य ने फाइनल मुकाबले में मौजूदा जूनियर विश्व चैंपियन थाइलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न को सीधे गेमों में हराकर इस खिताब को अपनी झोली में डाला। छठी वरीयता प्राप्त उत्तराखंड के इस खिलाड़ी ने शीर्ष वरीय वितिदसर्न को 46 मिनट तक चले करीबी मुकाबले में 21-19, 21-18 से शिकस्त देकर उलटफेर किया। लक्ष्य ने पिछली बार 2016 में इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता था।

इसके साथ ही लक्ष्य इस खिताब को जीतने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी भी बन गए। लक्ष्य से पहले दिवंगत गौतम ठक्कर (1965) ने पुरुष सिंगल्स में स्वर्ण पदक जीता था। फिर उसके बाद ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधू (2012) ने इस प्रतिष्ठित खिताब को जीता था। सिंधू ने 2011 में इस चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी अपने नाम किया था। उनके अलावा समीर वर्मा ने 2011 और 2012 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता था। प्रणव चोपड़ा और प्राजक्ता सावंत की जोड़ी 2009 में कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी।

लक्ष्य ने टूर्नामेंट में शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त चीन के ली शिफेंग को मात देने के बाद सेमीफाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के इखसान लियोनार्डो इमैंयुअल रूम्बे को शिकस्त दी थी।

नंबर गेम

- 1965 में गौतम ठक्कर ने एशियन जूनियर चैंपियनशिप में पुरुष सिंगल्स में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक दिलाया था। अब यह उपलब्धि लक्ष्य सेन ने दोहराई

- 2012 में ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने इस चैंपियनशिप में महिला सिंगल्स में स्वर्ण अपने नाम किया था। वह इस टूर्नामेंट में पीला तमगा हासिल करने वाली अकेली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं

'मैं यह टूर्नामेंट जीतकर खुश हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा। मैं टीम स्पर्धा में खेला और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में, इसलिए मेरे लिए यह लंबा टूर्नामेंट रहा। हर मैच के बाद मेरा ध्यान थकान से उबरने पर था। मैं खुश हूं कि अच्छा खेल सका और जीत दर्ज कर पाया।'

- लक्ष्य सेन

'कोई भी टूर्नामेंट जीतना बड़ी बात होती है और उसने ऐसे टूर्नामेंट में स्वर्ण जीता जहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खेल रहे थे। हमें पता है एशिया बैडमिंटन का केंद्र है और एशियाई खिताब जीतने से उसका मनोबल काफी बढ़ेगा।'

- संजय मिश्रा, कोच, लक्ष्य सेन
 

 क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Ravindra Pratap Sing

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप